
विक्रम सेन
शिलांग/ इंदौर। हनीमून ट्रिप में इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। इस हत्याकांड मामले में गिरफ्तार 8 में से दो आरोपियों, आकाश और आनंद ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने कबूलनामे से इनकार कर दिया है। शुरुआती जांच में आकाश और आनंद ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की थी और पुलिस के सामने अपराध की पूरी कहानी बयान की थी लेकिन गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।
विदित हो कि राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की और 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय आए थे। वह 23 मई को शिलांग से लगभग 65 किलोमीटर दूर सोहरा में लापता हो गए थे। दो जून को उनका क्षत-विक्षत शव एक झरने के पास खाई में मिला। उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, राजा को तीन किराए के हत्यारों- विशाल चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुर्मी ने सोनम की मौजूदगी में वेई सॉडॉन्ग व्यूपॉइंट पर चाकुओं से हमला कर मार डाला और उनका शव एक गहरी खाई में फेंक दिया गया।
शिलांग शहर के पुलिस अधीक्षक हरबर्ट पिनियाड खारकोंगोर राजा हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे है ने कहा, “आरोपियों का यह अधिकार है कि वे कोर्ट के सामने इकबालिया बयान न दें। लेकिन भौतिक साक्ष्य भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोई समस्या नहीं है। हमारे पास इस मामले में पर्याप्त सबूत हैं।”
बता दें कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 180 के तहत दर्ज बयान, जांच और जिरह के दौरान अधिकारियों की सहायता करते हैं, लेकिन केवल धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान ही अदालत में महत्व रखते हैं।
मेघालय पुलिस के मुताबिक, सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने अपनी प्रेम संबंध और हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे एक रिश्ते में थे और राजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इस साजिश को इंदौर में राजा और सोनम की शादी से 11 दिन पहले तैयार किया गया था। सोनम ने तीनों हत्यारों को 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसका पहला भुगतान सोनम के चचेरे भाई जितेंद्र रघुवंशी ने किया था। आनंद और आकाश के अलावा, विशाल सिंह चौहान ने ही पिछले महीने मेघालय में अपने हनीमून के दौरान सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह को उसके नवविवाहित पति राजा की हत्या करने में सहायता की थी।