
इंदौर। शहर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद लोगों में डर का माहौल है। इसी डर को दूर करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा शनिवार सुबह भागीरथपुरा बस्ती पहुंचे। उन्होंने वहां पानी सप्लाई कर रहे टैंकर का पानी पीकर देखा और उसकी गुणवत्ता की जांच की। करीब सुबह 10 बजे कलेक्टर अफसरों की टीम के साथ बस्ती पहुंचे और लगभग एक घंटे तक वहां रुके। शुक्रवार को प्रमुख सचिव संजय दुबे ने भी सप्लाय किए जा रहे पानी को पीकर देखा था।
इस दौरान रहवासियों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। लोगों ने बताया कि खाली प्लॉटों में कचरा जमा है और संकरी गलियों में पानी के टैंकर नहीं पहुंच पाते। इस पर कलेक्टर ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि टैंकरों में बड़े पाइप लगवाकर संकरी गलियों तक पानी पहुंचाया जाए।
टैंकरों से सप्लाय पानी ही पिएं
कलेक्टर ने दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने रहवासियों से अपील की कि फिलहाल नर्मदा लाइन या बोरिंग का पानी न पीएं और सिर्फ टैंकरों से सप्लाई किए जा रहे पानी का ही उपयोग करें। शनिवार को पूरी बस्ती में 60 टैंकरों से पानी की सप्लाई की गई। नगर निगम की टीमें लगातार चैंबरों की जांच कर रही है, ताकि कहीं से रिसाव का पता लगाया जा सके।
अब तक 800 से ज्यादा चैंबरों की जांच हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने रिंग सर्वे शुरू कर दिया है। जिन घरों में बीमारी के मामले सामने आए हैं, उनके आसपास के 50 घरों का सर्वे किया जा रहा है। फिलहाल अस्पतालों में करीब 300 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 25 आईसीयू में हैं। अब तक दूषित पानी से 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
