
नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू हवाई यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। इंडिगो एयरलाइन के संचालन में आए संकट के बाद कई सेक्टर्स पर उड़ानें रद्द हुईं, जिससे क्षमता में कमी और किराए में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली। ताजा संकट के बीच कई एयरलाइन ने 50 हजार से 80 हजार तक किराया वसूल किया।
इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक हित में घरेलू उड़ानों पर अधिकतम किराया सीमा लागू करने का आदेश जारी किया। जारी आदेश (01/2025) के अनुसार अब एयरलाइंस 500 किलोमीटर तक के रूट पर अधिकतम सीमा तय कर दी।
– ₹7,500 : 500-1000 किमी के लिए
– ₹12,000 : 1000-1500 किमी के लिए
– ₹15,000 : 1500 किमी से अधिक दूरी के लिए ₹18,000

कोई भी एयरलाइन कंपनी इससे अधिक किराया नहीं ले सकेगी। यह सीमा सिर्फ बेस किराए पर लागू होगी। इसके अतिरिक्त यूडीएफ, पीएसडी और टैक्स अलग से देय होंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया कि ये खर्च सीमाएं बिजनेस क्लास और उड़ान योजना (आरसीएस-यूडीएएन) के तहत संचालित उड़ानों पर लागू नहीं होंगी।
सरकार ने निर्देश दिया कि ये सीमा तब तक लागू रहेगी, जब तक हवाई किराए सामान्य न हो जाएं या आगे समीक्षा न हो। यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी बुकिंग प्लेटफॉर्म्स चाहे एयरलाइन की वेबसाइट हों या ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल इन किराया सीमाओं का पालन करें।
मंत्रालय ने एयरलाइंस को टिकट उपलब्धता सभी किराया श्रेणियों में बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर अधिक मांग वाले रूटों पर अतिरिक्त क्षमता जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं। यह कदम यात्रियों को महंगे टिकटों की मार से राहत देने और हवाई सेवाओं को सुचारू रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
