
दमोह। जिले में सर्दी इस बार शुरुआती दिसंबर में ही चरम पर पहुंचती नज़र आ रही है। दो रात पहले न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जिसने पूरे जिले में ठिठुरन बढ़ा दी। शुक्रवार रात चली बर्फीली हवाओं और शनिवार सुबह छाए घने कोहरे ने लोगों को कंपकंपा कर रख दिया।
कोहरे की मोटी चादर के चलते सुबह दृश्यता काफी कम रही, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सामान्यत: सुबह खुलने वाली दुकानें देर से खुलीं। शहर के चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे।
तेज ठंड का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। सुबह विद्यालय पहुँचने वाले बच्चों की संख्या में कमी देखी जा रही है, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियाँ भी सुस्त पड़ी हैं। मजदूर सुबह के समय काम पर निकलने से बच रहे हैं और अलाव के सहारे ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में जारी बर्फबारी का सीधा असर मध्य भारत पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है तथा तापमान में और गिरावट संभव है। दिन में कुछ समय खिली धूप राहत देती है, लेकिन सुबह और रात की गलन भरी हवाएँ लोगों को लगातार परेशान कर रही हैं। कुल मिलाकर दमोह जिले में शीतलहर का प्रकोप गहराता जा रहा है और सर्दी अब अपने कड़क तेवर दिखाने लगी है।