
विक्रम सेन
कोलकाता । पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पंसकुरा में एक 12 वर्षीय लड़के ने कथित तौर पर कीटनाशक खाकर जान दे दी, क्योंकि उस पर एक दुकान से चिप्स का पैकेट चुराने का आरोप लगाया गया था और दुकानदार ने उससे उठक-बैठक करवाई थी. बताया जा रहा है कि एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, जिसमें कृष्णेंदु ने आत्महत्या करने से पहले अपनी नोटबुक में लिखा है कि ‘मां मैंने कुरकुरे नहीं चुराए. मुझे वो सड़क पर पड़े मिले थे. मैंने चोरी नहीं की है.’
प्राप्त जानकारी अनुसार पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिले के पांशकुड़ा के गोसाईबाड़ी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. 13 वर्षीय कृष्णेंदु दास ने चोरी के झूठे आरोप के बाद आत्महत्या कर ली. वह बकुलदा हाई स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था. बुधवार रात उसने कीटनाशक पी लिया और गुरुवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, रविवार को
आरोप है कि सिविक वालंटियर और दुकान मालिक शुभांकर ने बाइक से कृष्णेंदु का पीछा किया और उसे पकड़ लिया, उस पर चोरी का आरोप लगाया, कान पकड़कर बाजार में उठक-बैठक करवाई और उसकी पिटाई की. कृष्णेंदु ने सिविक वालंटियर को चिप्स के लिए पैसे भी दिए, इसके बावजूद उसने उसकी पिटाई की जबकि छात्र कहता रहा- ‘मैंने चोरी नहीं की।’ किशोर ने कई बार सफाई दी कि वह पैकेट सड़क से उठाकर लाया था, उसे लगा कि वे फर्श पर पड़े हैं. इसके बावजूद दुकानदार ने उसे दुकान के सामने कान पकड़कर माफी मांगने को मजबूर किया. इसके बाद उसकी मां ने भी उसे सबके सामने डांटा.
बताया जा रहा है कि पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दुकानदार शुभांकर दीक्षित नागरिक स्वयंसेवक भी है और घटना के बाद से ही फरार है.
पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया है. अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन पुलिस किशोर की मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच कर रही है. हृदय विदारक सत्य यह भी जॉच में पता चला है कि पुलिस ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज में पाया है कि बच्चा दुकान के बाहर जमीन पर गिरे चिप्स के पैकेट उठाता नजर आ रहा है.