
विक्रम सेन
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर का क्रेडिट लेने की होड़ में बड़ा दावा किया है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग में इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया.
ट्रंप ने युद्धविराम को सुविधाजनक बनाने में अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों के महत्वपूर्ण प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि शनिवार को मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता को तत्काल खत्म करने में मदद की मुझे लगता है कि यह स्थायी है.
ट्रंप ने दावा करते हुए कहा कि मुझे आपको यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व अडिग और शक्तिशाली था और हमने बहुत मदद की. साथ ही हमने व्यापार में भी मदद की. ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि हम आप लोगों के साथ बहुत सारा व्यापार करेंगे. फिलहाल के लिए इसे रोकते हैं, चलो इसे रोकते हैं. यदि आप इसे रोकते हैं, तो हम व्यापार करेंगे. यदि आप इसे नहीं रोकते हैं, तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे.
अगर आप इसे रोकते हैं, तो हम व्यापार करेंगे. अगर आप इसे नहीं रोकते हैं तो हम कोई व्यापार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों ने वास्तव में कभी भी व्यापार का उस तरह से इस्तेमाल नहीं किया है जैसा मैंने किया.
मैं आपको बता सकता हूं. दोनों देशों के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं. मुझे लगता है कि हम इसे रोकने जा रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने दो परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच बढ़ते तनाव के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता को तत्काल खत्म करने में अहम भूमिका निभाई.
वहीं भारत ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया है.
सरकारी सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने परमाणु युद्ध रोकने के बारे में जो कहा है, उसके विपरीत हम कह सकते हैं कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना भारत का उद्देश्य कभी नहीं था. इस बार हमारा सैन्य उद्देश्य सिर्फ़ 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था.
साथ ही शीर्ष सूत्रों ने बताया कि युद्ध विराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी. ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 9 मई को पीएम मोदी से बात की. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 मई और 10 मई को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से और 10 मई को एनएसए डोभाल से बात की और इनमें से किसी भी चर्चा में व्यापार का कोई संदर्भ नहीं था.
भारत ने सिर्फ़ पाक डीजीएमओ के इस अनुरोध पर सहमति जताई थी कि अगर आप रुकेंगे तो हम रुकेंगे.
विदित हो कि इससे पहले 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर समझौता हुआ, जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था कि “अमेरिका की मदद से लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ने तुरंत सीजफायर पर सहमति जताई. दोनों देशों को समझदारी दिखाने के लिए बधाई और ध्यान देने के लिए धन्यवाद.”
उल्लेखनीय हैं कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की हत्या का बदला लेने के लिए 7 मई को पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक करते हुए 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था.
इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 10 मई शाम को ऑपरेशन सिंदूर स्थगित कर दिया गया है. हालांकि इस संक्षिप्त युद्ध में पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा था.
संघर्ष विराम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा हैं कि आने वाले समय में पाकिस्तान का रवैया हमारे ऐक्शन को तय करेगा.
संघर्ष विराम के स्वरूप को लेकर भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ की वार्ता सोमवार शाम को फिर हुई. इस वार्ता में भी पाकिस्तान के डीजीएमओ का बॉडी लैंग्वेज डिफेंसिव रहा, तथा उसने दोहराया कि पाकिस्तान अब इस टकराव को आगे नहीं बढ़ाएगा. पाकिस्तान ने कहा कि वह सीजफायर का उल्लंघन नहीं करेगा.
इधर भारतीय सेना ने सोमवार सुबह अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा हैं कि “हम भविष्य की कार्रवाई के लिए तैयार हैं. हमारी सभी मिलिट्री बेस ऑपरेशनल हैं.”
सेना ने यह भी कहा कि “हर भारतवासी को हमारा सैल्यूट है. पूरा देश भारतीय सेना के साथ खड़ा है. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है.”
सेना ने प्रेस ब्रीफिंग में आगे बताया कि “हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ थी, लेकिन पाक सेना ने इसे अपने पर लिया. पाक में जो तबाही हुई, उसकी जिम्मेदार पाक सेना ही है। हमने पाकिस्तानी एयरफील्ड की दुर्दशा की. हमने चीनी मिसाइल को मार गिराया. हमने पाकिस्तान द्वारा भेजे गए तुर्की ड्रोन मार गिराए. हमने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई. हम जहां चाहे, जब चाहे हमला कर सकते हैं.”
इससे पहले रविवार को भारतीय सेना ने तथ्यों और सबूतों के साथ जानकारी दी थी कि “ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो हमारे लक्ष्य थे, वो हासिल कर लिए गए हैं. हमने पाकिस्तान की नापाक हरकत का कई गुना मुंह तोड़ जवाब दिया.” सेना ने बताया कि “ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 40 जवान और अफसर मारे गए. इसके अलावा आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक में कम से कम 100 आतंकी मारे गए, जिनमें तीन बड़े आतंकी शामिल हैं.”
वहीं संघर्ष विराम होने के बाद जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रियासी और रामबन जिलों में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 13 मई मंगलवार, 2025 को खुलेंगे.
जबकि कठुआ, जम्मू, राजौरी, पुंछ, सांबा और उधमपुर जिलों में सभी निजी और सरकारी स्कूल कल 13 मई, 2025 को बंद रहेंगे.
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सोमवार को प्रेस रिलीज के जरिए एयरपोर्ट्स खोलने की जानकारी दी. इसमें बताया कि 15 मई तक बंद 32 एयरपोर्ट्स अब तत्काल प्रभाव से एयरक्राफ्ट ऑपरेशन्स के लिए उपलब्ध हैं। यात्रियों को फ्लाइट्स की जानकारी के लिए एयरलाइन कंपनियों की वेबसाइटों देखने के लिए कहा गया है. सिविल एविएशन मंत्रालय ने 10 मई को 9 राज्यों के 32 एयरपोर्ट्स बंद करने का निर्देश जारी किया था.
बहरहाल भारत और पाकिस्तान के बीच सोमवार को हुई सैन्य महानिदेशकों के स्तर की बातचीत में loc पर फायरिंग को पूरी तरह से बंद करने को लेकर सहमति बन गई है. और सीमा पर शांति बनी हुई हैं.