
इंदौर। पतंगबाजी में चायना धागे का उपयोग करने पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रतिबंध लगाया है। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश पूर्व में ही जारी किया जा चुका। इसके बावजूद देखने में आया कि कुछ लोग चोरी-छिपे चायना धागे का उपयोग कर पतंगबाजी कर रहे हैं और इसे बेच रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप हाल के दिनों में जनहानि जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया जाता है कि इस प्रकार के कृत्य किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं हैं।
तीन लोगों की जान गई, कई घायल
पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चायना (नायलॉन/सिंथेटिक) धागे के कारण इंदौर में तीन लोगों की जान चली गई है। कई मामलों में पक्षी चायना धागे में उलझकर घायल हुए हैं तथा कुछ प्रकरणों में उनकी मृत्यु भी हुई है। इसी प्रकार, सड़क पर चलने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए भी यह धागा अत्यंत घातक सिद्ध हुआ। इससे बिजली सप्लाई की व्यवस्था भी कई बार प्रभावित हुई।
पांच साल की सजा और जुर्माना
परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रतिबंध में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106(1) के अंतर्गत उतावलेपन अथवा उपेक्षापूर्ण कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित होने पर दोषी को पाँच वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है। साथ ही प्रशासन का आदेश है कि प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत भी कार्यवाही की जाएगी।
विधि अनुसार कठोर कार्रवाई
चायना धागे का उपयोग कर पतंगबाजी करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरुद्ध विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे चायना धागे का उपयोग पूर्णतः न करें, कानून का पालन करें तथा जन-सुरक्षा एवं पक्षी-संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।
