
इंदौर। मतदाता सूची के सत्यापन से जुड़ी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में संपन्न हुई एसआईआर कार्रवाई में लाखों मतदाताओं के नाम सूची से गायब पाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर मतदाता सूची में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मताधिकार से खिलवाड़ है।
कांग्रेस का दावा है कि इंदौर जिले में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुल 5 लाख 68 हजार मतदाता लापता मिले हैं। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में शहर की 9 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल 4,17,717 वोटों का अंतर था। इस तुलना को रखते हुए कांग्रेस ने तर्क दिया कि गायब मतदाताओं की संख्या चुनावी अंतर से कहीं अधिक है, जो अपने आप में संदेह पैदा करती है और जांच की मांग को मजबूत करती है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि जिन मतदाताओं की एसआईआर प्रक्रिया अधूरी रही है या जो अपने पते पर अनुपलब्ध मिले हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए। पार्टी ने कहा कि बिना उचित सत्यापन के इन नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। पार्टी ने इसे लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।