
नीमच। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे जिले के हिंगोरिया फाटक क्रमांक-2 पर हुए रेल हादसे ने रेलवे विभाग की लापरवाही की पोल दी। दो इंजनों के आमने-सामने भिड़ जाने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों इंजनों के आगे के हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,फाटक पर एक इंजन पहले से खड़ा था। इसी दौरान मंदसौर की ओर से आ रहा दूसरा इंजन बिना समुचित समन्वय के सीधे आकर उससे टकरा गया। इस टक्कर में खड़े इंजन में बैठे चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जो लोग इंजन के पास खड़े थे, वे टक्कर की दिशा से दूर होने के चलते बाल-बाल बच गए।
हिंगोरिया क्षेत्र में रेल दोहरीकरण का काम जारी है और माना जा रहा है कि आपसी संचार की कमी और गलत निर्देशों के कारण हादसा हुआ। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब ट्रैक पर पहले से इंजन मौजूद था, तो दूसरे इंजन को हरी झंडी कैसे दे दी गई।
घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक को क्लियर करने और क्षतिग्रस्त इंजनों को हटाने का काम शुरू कर दिया। हालांकि, रेलवे अधिकारी आधिकारिक बयान देने से बचते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है।
टक्कर के चलते ट्रैक पर आवागमन प्रभावित हुआ, जिसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।