
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार सिने कलाकारों और वर्करों के लिए स्वतंत्र रूप से नियम बनाने की तैयारी कर रही है। नियमों का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद आर्ट स्कॉलर्स और संबंधित संस्थाओं से सुझाव मांगे जाएंगे। जो भी सुझाव मिलेंगे, उन पर सकारात्मक तरीके से विचार करने के बाद फाइनल नियम बनाए जाएंगे। महाराष्ट्र के लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने यह जानकारी दी। उनकी अध्यक्षता में नए लेबर कोड के अनुसार सिने कलाकारों के लिए अलग नियम बनाने को लेकर मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। उन्होंने इस मौके पर यह जानकारी दी।
सिने कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा
इस बैठक में लेबर डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आईए कुंदन, लेबर कमिश्नर एचपी तुन्मोड, डिप्टी सेक्रेटरी रोशनी पाटिल, मशहूर फिल्म एक्ट्रेस पद्मिनी कोल्हापुरे, पूनम ढिल्लों और मंत्रालय के सीनियर अधिकारी मौजूद थे। सिने सेक्टर में कलाकारों, टेक्नीशियन और वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी, वेतन, इंश्योरेंस, काम के घंटे, वेलफेयर स्कीम और लेबर कोड के प्रोविज़न को लागू करने पर विस्तार रुप से चर्चा हुई।
हर तरह की सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे
बैठक में कलाकारों की भलाई के लिए अलग से नियम बनाकर उन्हें कानूनी सुरक्षा देने पर फोकस किया गया। लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने कहा कि नए लेबर कोड के दायरे में फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और उनसे जुड़े वर्कर्स की भलाई के लिए साफ और असरदार नियम बनाए जाएंगे। उनकी सोशल और इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे।
नियमों के बारे में प्रेजेंटेशन भी दिया
इस बैठक में अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों ने सिने एंड टेलीविज़न आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की तरफ से फिल्म इंडस्ट्री के अलग-अलग डिपार्टमेंट में कलाकारों, टेक्नीशियन, असिस्टेंट और वर्कर्स को होने वाली दिक्कतों की तरफ लेबर मिनिस्टर का ध्यान आकर्षित किंग। बैठक के दौरान नियमों के बारे में विस्तार में प्रेजेंटेशन भी दिया गया।