
इंदौर। देवी अहिल्या केंद्रीय ग्रंथालय से संबद्ध दुआ सभागृह के किराए को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने का रास्ता निकल गया। नई क्षेत्रीय ग्रंथपाल के पदभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन ग्रंथालय समिति अध्यक्ष एवं कमिश्नर डॉ सुदाम खाड़े ने दुआ सभागृह की संशोधित किराया सूची को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस निर्णय से शहर की सांस्कृतिक,साहित्यिक एवं कला संस्थाओं ने राहत की सांस ली है।
पूर्व में किराए में की गई अत्यधिक वृद्धि के कारण कलाकारों, रंगकर्मियों और आयोजक संस्थाओं में गहरा असंतोष था। इसी के चलते विरोध के स्वर तेज हुए और लोक शिक्षण आयुक्त ने तत्कालीन सचिव लिली डाबर को यहां के प्रभार से मुक्त कर खजराना हासे स्कूल के प्राचार्य पद पर पदस्थ किया था।
किराया विवाद को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने पुनर्विचार का आश्वासन दिया था, जिसे अब व्यवहार में लाया गया। संशोधित सूची के अनुसार 120 सीट क्षमता वाले दुआ सभागृह का 6 घंटे का किराया 9 हजार रुपए तथा 8 घंटे का किराया 11 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा निधि 5 हजार रुपये तय की गई है।
वहीं कला वीथिका प्रदर्शनी हॉल में एकल प्रदर्शनी के लिए 5 हजार,समूह प्रदर्शनी के लिए 10 हजार और वाणिज्यिक प्रदर्शनी के लिए 20 हजार रुपये किराया तय किया गया है। नई दरों को व्यावहारिक बताते हुए सांस्कृतिक संगठनों ने निर्णय का स्वागत किया है। पूर्व सचिव लिली डाबर द्वारा किराये में की गई अत्यधिक और मनमानी बढ़ोतरी के कारण कलाकारों व संस्थाओं में भारी असंतोष व्याप्त था, जो लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ था।