
इंदौर। अनुदान प्राप्त यूरिया की कालाबाजारी और कृषकों से अधिक मूल्य वसूली के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स भारत फर्टिलाईजर, मंगलेश्वर मार्ग गौतमपुरा रोड देपालपुर का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे सघन गुण नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला इंदौर सीएल केवडा ने बताया कि उर्वरक निरीक्षक सह वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखण्ड देपालपुर द्वारा मंगलवार को प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में सामने आया कि मेसर्स भारत फर्टिलाईजर द्वारा अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी की जा रही थी और किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचा जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि प्रतिष्ठान में बिल बुक का संधारण विधिवत नहीं था। विक्रय स्थल पर उर्वरक के उपलब्ध स्टॉक की जानकारी का सूचना पटल नहीं लगाया गया था और न ही मूल्य सूची प्रदर्शित की गई थी। ये सभी गंभीर अनियमितताएं उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश 1985 का स्पष्ट उल्लंघन पाई गईं।
उक्त उल्लंघनों के चलते मेसर्स भारत फर्टिलाईजर को प्रदाय उर्वरक प्राधिकार पत्र क्रमांक-2249 (रजिस्ट्रेशन नंबर RS/439/1401/70/2023) को अधिसूचित प्राधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।