

सागर। नर्स दीपशिखा हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। जिले के शाहगढ़ में बुधवार रात दिल दहला देने वाली वारदात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स दीपशिखा चढ़ार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाला मृतक का ही मौसेरा भाई निकला। वह एकतरफा प्रेम में नर्स पर शादी का दबाव बना रहा था। इसी जुनून में उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी अभी पुलिस के हाथ नहीं आया है।
मृतका दीपशिखा चढ़ार (26 वर्षीय) पाटन (जबलपुर) की रहने वाली थी और पिछले करीब चार साल से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ थी। वह अस्पताल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर ही किराए के मकान में रहती थी। बुधवार को उसकी नाइट ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। वह बुधवार रात ड्यूटी के लिए पैदल जा रही थी। जैसे ही वह अस्पताल के मुख्य गेट के पास पहुंची, तभी आरोपी ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपी की पहचान सुशील आठ्या निवासी पनागर (जबलपुर) के रूप में हुई।
हत्यारा मौसेरा भाई ही निकला
मामले की जांच में सामने आया है कि मृतका का मौसेरा भाई सुशील बेरोजगार था और दीप शिखा से शादी करना चाहता था। दोनों के बीच पहले से बात हुआ करती थी। दीपशिखा के शादी से इंकार करने के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। वह लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था। कुछ समय पहले नर्स ने पाटन थाने में इसकी शिकायत भी की थी, जहां समझाइश के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
रेकी करने जबलपुर से आया
शुरु की जांच में पता चला कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के इरादे से एक दिन पहले ही शाहगढ़ पहुंच गया था। उसने पूरे दिन नर्स की दिनचर्या, आने-जाने का समय और रास्ते की रेकी की। बुधवार शाम वह पहले से ही अस्पताल के पास मौजूद था। जैसे ही नर्स दीपशिखा वहां पहुंची, उसने हाथ पकड़कर धक्का दिया और बंदूक से तीन राउंड फायर किए एक बार निशाना चूक गया, लेकिन दो गोली नर्स की पीठ में लगी जहां अत्यधिक रक्त बहने से नर्स की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गया। सूचना मिलते ही शाहगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाई
एडिशनल एसपी डॉ संजीव उईके ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने वाला नर्स का मौसेरा भाई जो पनागर से वारदात को अंजाम देने सागर जिले के शाहगढ पहुँचा था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। एक टीम जबलपुर भेजी गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
नाराज परिजनों ने चक्काजाम किया
घटना के बाद नर्स के परिजन जबलपुर से शाहगढ़ पहुंचे। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके गुस्साए परिजनों ने सागर-कानपुर हाईवे पर चक्काजाम कर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस की समझाइश के बाद चक्काजाम समाप्त कराया।