
इंदौर। आरटीओ ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर इंदौर में स्लीपर बसों पर सख्ती बढ़ा दी। हाल के महीनों में स्लीपर बसों में आग लगने और गंभीर हादसों की घटनाओं के बाद इंदौर आरटीओ ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया। जिले के 489 स्लीपर बस संचालकों को नोटिस जारी कर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
बस संचालकों को एक महीने की मोहलत देते हुए आरटीओ ने फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (एफडीएसएस) लगाने के निर्देश दिए। विभाग के अनुसार लगभग 90% बस संचालकों ने शपथ पत्र देकर तय समय सीमा में नियमों का पालन करने की सहमति जताई। समय सीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित बसों के खिलाफ परमिट निलंबन सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देशों के तहत स्लीपर बसों में बस बॉडी कोड एआईएस-119 और एएसआई-052 के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इस क्रम में जिले के सभी स्लीपर बस संचालकों और स्वामियों को नोटिस जारी कर सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई है।
स्लीपर बसों के लिए सुरक्षा नियम
ड्राइवर केबिन और यात्री केबिन के बीच पार्टीशन दरवाजा नहीं होना चाहिए। स्लीपर बर्थ के साथ किसी भी प्रकार का स्लाइडर या स्टोरेज पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। 1 अक्टूबर 2023 के बाद निर्मित बसों में एफडीएसएस अनिवार्य। सभी बसों में कम से कम 10 किलो का ग्रीन जोन अग्निशमन यंत्र जरूरी है। बस की लंबाई के अनुसार 4 से 5 आपातकालीन द्वार अनिवार्य होंगे। वीएलडीटी, पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर चालू हालत में होना आवश्यक है। ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है। बस में फर्स्ट-एड बॉक्स अनिवार्य है। नशे की हालत में वाहन चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा। केबिन के पास वाले पार्टीशन भी हटाए जाएंगे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जांच के दौरान यह राहत की बात सामने आई कि इंदौर में पंजीकृत किसी भी स्लीपर बस में सीट के पास स्लाइडर नहीं पाए गए। वहीं जिन बसों में ड्राइवर केबिन के पास पार्टीशन लगे थे, उन्हें भी हटाने पर बस संचालकों ने सहमति जताई। सभी स्लीपर बसों में 10 किलो क्षमता का ग्रीन जोन अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त आपातकालीन द्वार, वीएलडीटी, पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर को चालू हालत में रखना अनिवार्य किया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
