
इंदौर। शहर में दूषित पेयजल से फैली बीमारियों का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा। जल जनित बीमारियों से 26 लोगों की मौत के बाद अब महू इलाके से नए मामले सामने आए। यहां दूषित पानी पीने से कम से कम 22 लोग बीमार हुए, जिनमें से 9 की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि शेष मरीजों का इलाज चिकित्सकीय निगरानी में घर पर चल रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रभावितों की संख्या 25 से अधिक हो सकती है। क्योंकि, आसपास के क्षेत्रों से भी उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार देर रात जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर शिवम वर्मा अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मिलकर उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गईं। शुक्रवार सुबह से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे शुरू किया, ताकि नए मरीजों की पहचान कर समय रहते उपचार सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लक्षणों की गंभीरता के आधार पर मरीजों का वर्गीकरण भी शुरू किया है।
भागीरथपुरा अभी काबू में नहीं
उल्लेखनीय है कि इसी माह की शुरुआत में भागीरथपुरा सहित कई क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण व्यापक संक्रमण फैला था। सरकारी रिपोर्ट में 15 मौतों की पुष्टि हुई,जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या 26 तक पहुंची। मामला मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में भी पहुंच चुका है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि 51 ट्यूबवेल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। वहीं प्रशासन ने अब तक 21 प्रभावित परिवारों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया।
नमूने जांच के लिए भेजे गए
सीएमएचओ के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, खुले स्रोतों के पानी से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीलिया-टाइफाइड का प्रकोप
महू के पत्ती बाजार क्षेत्र की चंदर गली में दूषित पानी से पीलिया और टाइफाइड फैलने का मामला गंभीर हो गया। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में घर-घर जाकर सघन सर्वे कर रही है। इस अभियान के दौरान कई नए मरीज सामने आए हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने हर घर में पहुंचकर परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने बीमार लोगों के लक्षण दर्ज किए और संदिग्ध मरीजों की सूची बनाई। कई घरों में बच्चों को पीलिया, उल्टी-दस्त, बुखार और कमजोरी की शिकायत मिली है।
कुछ दिनों से नलों में बदबूदार गंदा पानी
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था। कई निवासियों ने आशंका व्यक्त की कि पाइपलाइन में लीकेज या नाली का पानी मिलने से संक्रमण फैला है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय पर सुधार नहीं किया गया। जांच टीम के अनुसार, सर्वे में लगातार और बीमार बच्चे सामने आ रहे हैं। कुछ परिवारों में एक से अधिक सदस्य संक्रमित पाए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे घरों को विशेष निगरानी में रखा है।