
भोपाल। शहर और आसपास के जिलों में रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। गुरुवार रात का तापमान 4.1 डिग्री मापा गया। इस मौसम का ये अब तक का सबसे कम तापमान है, जो औसत से 7 डिग्री कम रहा। करीब 25 दिन से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज हुआ। पिछली तीन रातों से न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो रहा। इसके बाद मंदसौर में पारा 4.4 डिग्री रहा।
सुबह 9 बजे तक सर्दी रहने के बाद ठंड गायब होने लगती है। 10 बजे के बाद गर्म कपड़ों की जरूरत ही महसूस नहीं होती। इस कारण अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक पहुंच गया। इसके पीछे कारण यह कि रात से सुबह के बीच कोल्ड वेव तो चल रही, लेकिन दिन में मंद हो रही है। इस सीजन में केवल 16 नवंबर का दिन कोल्ड डे रहा। इस दिन अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम रहकर 25.9 दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान औसत से 7 डिग्री कम रहकर 7.2 डिग्री आंका गया।
कोल्ड डे का मापदंड
कोल्ड डे तब माना जाता है, जब दिन का पारा सामान्य से 5 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री कम रहता है। न्यूनतम पारा 5-6 डिग्री तक चला जाए और दिन का पारा सामान्य से 6 डिग्री कम रहे तो सीवियर कोल्ड डे कहलाता है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार रात में तो कड़ाके की ठंड रहेगी, लेकिन दिन में तेज ठंड का असर जनवरी के पहले सप्ताह से ही होगा।

मंदसौर में पारा 4.4
सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में ठिठुरन बरकरार है। गुरुवार को प्रदेश में सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मंदसौर में दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर एवं शाजापुर जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहा। 23 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। सतना, रीवा एवं दतिया जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा।
नर्मदापुरम में सर्दी कम
नर्मदापुरम में दिन का सबसे अधिक 30 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर एवं शाजापुर में शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर संभाग के जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है। इस बारे में मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पश्चिम ईरान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ जम्मू एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 195 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं।
अभी बदलाव की संभावना नहीं
मौजूदा मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मौसम के मिजाज में विशेष परिवर्तन होने की संभावना कम ही है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता कम है। इस वजह से मौसम के मिजाज पर विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना कम है। इससे ठंड के तेवर अभी तीखे ही बने रहेंगे।