
पेरिस। भारत में भ्रष्टाचार कम हो रहा है। यह बात लोग माने या नहीं, पर जारी करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) 2025 में भारत ने पांच स्थानों की छलांग लगाते हुए 182 देशों में 91वां स्थान हासिल किया। वैश्विक गैर सरकारी संगठन ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ के नए सीपीआई के अनुसार, भारत का स्कोर पिछले वर्ष की तुलना में एक अंक बढ़ा। जबकि, इसकी रैंकिंग 96 से सुधरकर 91वीं हो गई। सीपीआई सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर के अनुसार दुनियाभर में 182 देशों और क्षेत्रों की रैंकिंग करता है। 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (अन्यधिक पारदर्शी या ईमानदारी ) को दर्शाता है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने वर्ष 2025 के लिए ग्लोबर करप्शन इंडेक्स जारी कर दिया। इसमें 182 देशों का सर्वे किया गया, जिसमें भारत को एक स्थान की बढ़त के साथ 91वें नंबर पर रखा गया है। इस रैंकिंग में चीन 73वें स्थान पर है। वहीं, पाकिस्तान को 136वें नंबर पर रखा गया।
अमेरिका और यूके को सबसे निचली रैंकिंग
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार के नवीनतम वैश्विक सूचकांक ग्लोबर करप्शन इंडेक्स को जारी किया। इसमें अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम दोनों अपनी सबसे निचली रैंकिंग मिली। अमेरिका एक पायदान के नुकसान के साथ 29वें स्थान और ब्रिटेन भी इतने ही नुकसान के साथ 20वें स्थान पर है। वहीं, भारत को लगातार हो रहे सुधारों का फायदा मिला। नई रैंकिंग में भारत 182 देशों की सूची में एक पायदान ऊपर चढ़कर 91वें स्थान पर पहुंचा। वहीं, भारत के पड़ोसी देशों का बुरा हाल है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को लेकर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने कड़ी टिप्पणी की। ये देश आर्थिक संकट से भी जूझ रहे हैं, जिसने भ्रष्टाचार को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में भारत की रैंकिंग
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का कहना है कि करप्शन परसेप्शन इंडेक्स पब्लिक सेक्टर में करप्शन का सबसे बड़ा ग्लोबल इंडिकेटर है। इसमें भारत का स्कोर इस साल 39 है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 1 अंक का बदलाव हुआ है। इससे भारत ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में 91वें नंबर पर है। भारत में डिजिटल लिटरेसी बढ़ने, लोगों के आवाज उठाने, प्रशासनिक सुधारों के कारण भ्रष्टाचार धीरे-धीरे कम हो रहा है, हालांकि इसे सूची में शामिल शीर्ष देशों के स्टैंडर्ड के हिसाब से करने के लिए बहुत अधिक काम करना बाकी है।
दुनिया में भ्रष्टाचार मुक्त देश डेनमार्क
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में पहले स्थान पर डेनमार्क है। उसका करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 89 है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का मानना है कि डेनमार्क में दुनिया में सबसे कम भ्रष्टाचार है। ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में दूसरे स्थान पर फिनलैंड, तीसरे स्थान पर सिंगापुर, चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड, पांचवें स्थान पर नॉर्वे, छठे स्थान पर स्वीडन, सातवें स्थान पर स्विट्जरलैंड, आठवें स्थान पर लक्जमबर्ग, नौवें स्थान पर नीदरलैंड और दसवें स्थान पर जर्मनी है।
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स में एशियाई देशों का हाल
ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में चीन 73वें स्थान पर है। इनके अलावा भूटान को 18वां स्थान मिला है। इस सूची में नेपाल 76वें स्थान पर है। ग्लोबर करप्शन इंडेक्स 2025 में पाकिस्तान को 136वें नंबर पर रखा गया है। अफगानिस्तान और म्यांमार संयुक्त रूप से 169वें स्थान पर हैं। वहीं, श्रीलंका को 107वां स्थान मिला है। मालदीव, भारत के साथ संयुक्त रूप से 91वें नंबर पर काबिज है।