
धार। यहां स्थित प्रधान डाकघर में शासकीय योजनाओं की राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता करने वाले फरार और निलंबित आरोपी डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मलसिंह पंवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी निर्मलसिंह गुजरात भागने की फिराक में था। पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी करते हुए आरोपी को अरेस्ट किया। थाने की कार्यवाही पूरी होने के बाद आरोपी निर्मलसिंह को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से पूछताछ को लेकर पुलिस को तीन दिन का रिमांड मिला है।
आरोपी निर्मलसिंह पंवार धार में डिप्टी पोस्ट मास्टर के पद पर पदस्थ था। गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने दो माह पहले ही आरोपी को निलंबित कर दिया था। आरोपियों ने फिनेकल सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग किया। शासकीय योजनाओं की राशि सहित 2019 में लाड़ली लक्ष्मी योजना का जो भुगतान हो चुका था उसे फिनेल सॉफ्टेवयर से लाइव दर्शाकर धार प्रधान डाकघर में दोबारा नकद भुगतान कर लिया। इस मामले में एक आरोपी अभी फरार है।
यह था घोटाले का पूरा मामला
डाक विभाग के इंदौर नगर संभाग के अधीक्षक द्वारा विभागीय जांच की गई। जांच सही पाए जाने पर जांच का आवेदन नौगांव थाने में प्रस्तुत किया गया। आवेदन के आधार पर नौगांव पुलिस ने प्रस्तुत आवेदन पर निलंबित डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मलसिंह पंवार, निलंबित पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और निलंबित डाक सहायक मेपालसिंह गुडिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों द्वारा 1 मार्च से लेकर दिसंबर 2025 तक यह अनियमितताएं की। वर्ष 2025 में 20 अप्रैल, 30 अगस्त, 9 अक्टूबर, 11 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) के मूल प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि ये सभी प्रमाण पत्र ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के अंतर्गत जारी किए गए थे। फिनेकल सॉफ्टवेयर में प्रमाण पत्रों को अनफ्रिज किया और नकद भुगतान प्राप्त किया।
13 साल पहले हुए था जारी प्रमाण पत्र
जांच में यह भी सामने आया कि निसरपुर उपडाकघर से वर्ष 2013 में जारी किए गए कुछ प्रमाण पत्र, जो डिस्चार्ज के बाद प्रधान डाकघर धार में सुरक्षित रखे गए थे, उन्हें अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर कर पुनः नकद भुगतान कराया गया। करीब 3 लाख 57 हजार 21 रुपए की शासकीय राशि का दुर्विनियोजन किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि नॉन- पीओएसबी चेक के माध्यम से जमा हुई राशि, जो फिनेकल के 0382 ऑफिस अकाउंट में क्रेडिट होती है, उसका सही समायोजन नहीं किया गया। इसके तहत एसबीआई धार में 8 लाख, यूको बैंक में 5 लाख और राज्य सहाकरी बैंक इंदौर में 10 लाख यानी कुल राशि 23 लाख का अनाधिकृत रुप से अन्य खातों में समायोजन कर गबन किया गया। जांच के बाद अनियमितता पाई जाने पर डिप्टी पोस्ट मास्टर निर्मलसिंह पंवार, पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना और सहायक डिप्टी डाक नेपालसिंह गुडिया को निलंबित किया गया। इस मामले में पुलिस ने 6 जनवरी को प्रकरण दर्ज किया था, आरोपियों ने कुल 35 लाख 68 हजार रुपए का गबन किया।
इनका कहना हैं
नौगांव थाना प्रभारी हीरुसिंह रावत ने बताया कि मुख्य पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही एक अन्य फरार आरोपी निर्मलसिंह पंवार को भी अरेस्ट किया गया।
