
प्रयागराज। माघ मेले में विवादों में रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर अब एक नया विवाद सामने आया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनकी सेवा में लगे आश्रम के बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर उन्होंने प्रयागराज जिला कोर्ट में 28 जनवरी को 173(4)के तहत शिकायत रजिस्टर करने के लिए अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी पर अब तक दो तारीखों पर एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट में सुनवाई भी हो चुकी है। इस मामले में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी के कोर्ट में बयान भी दर्ज हो गए। कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज पुलिस भी मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
दो बच्चों ने यौन शोषण के आरोप लगाए
श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था। उसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, जो बच्चा बालिग हो गया, उसके साथ कुकर्म की घटना उस समय हुई, जब वह नाबालिग था। आरोप लगाया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य ही इन बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। बच्चों को यह समझाते थे कि इससे उन्हें आशीर्वाद मिलेगा।
एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो कोर्ट जाना पड़ा
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि कोर्ट ने इस मामले में झूंसी थाना पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। लेकिन, कोर्ट पुलिस की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई और कोर्ट ने अगली तारीख 13 फरवरी की लगाई है। आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक पीड़ित बच्चों के बयानों और गंभीर और ठोस साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने झूंसी थाने में सबसे पहले मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी। लेकिन, पुलिस के मुकदमा न दर्ज करने पर उन्हें कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि उनके संपर्क में करीब 20 ऐसे नाबालिक बच्चे हैं, जिनका स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा कथित यौन शोषण किया गया। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सबूत मौजूद हैं, जिसमें न केवल नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म किया गया, बल्कि महिलाओं के साथ भी यौन शोषण की सीडी उनके पास मौजूद है। उन्होंने ये प्रमाण अदालत को सौंप दिए है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले में कोर्ट से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
जानबूझकर फंसाने का आरोप
इस मामले में वाराणसी में मौजूद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी मीडिया से बात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौ हत्या बंद करने को लेकर उनके अभियान के चलते उन्हें जान बूझकर फंसाया जा रहा है। उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनकी सभ्य समाज में कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन, हम लोगों ने सभी प्रमाण कोर्ट के सामने रख दिए हैं।