
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने रविवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में अपने अचानक इस्तीफे को ‘सोच-समझकर लिया गया फैसला’ करार दिया। उन्होंने कारणों को गोपनीय रखते हुए कहा कि सही समय आने पर ही इनका खुलासा होगा। केरल मूल के बोस ने स्पष्ट किया कि वे बंगाल लौटकर मतदान अवश्य करेंगे।
पूर्व राजयपाल ने पिछले सप्ताह ही अपना वोटर पंजीकरण बंगाल में स्थानांतरित कराया था। लेकिन, गुरुवार को दिल्ली जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पंक्ति का इस्तीफा सौंप दिया। राष्ट्रपति ने इसे स्वीकार कर लिया। लगभग साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में वे ममता बनर्जी सरकार से विधेयकों, कुलपतियों की नियुक्ति और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कई बार भिड़ चुके थे। अब तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल आरएन रवि को नया गवर्नर बनाया गया है।
राष्ट्रपति विवाद पर चुप्पी
राष्ट्रपति मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन और संथाल कार्यक्रम के स्थान परिवर्तन से उपजे विवाद पर बोस ने सीधा जवाब टाल दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अत्यंत अनुभवी, संतुलित और गरिमामयी व्यक्तित्व हैं. उनके बयान के पीछे कारण होंगे। लेकिन, मेरा इससे कोई टिप्पणी करना उचित नहीं। शनिवार को बागडोगरा में मुर्मू ने कम भीड़, सीएम व मंत्रियों की अनुपस्थिति और स्थान परिवर्तन पर नाराजगी जताई। केंद्र ने राज्य से शाम पांच बजे तक जवाब मांगा है।
टीएमसी पर मोदी ने आरोप लगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर राष्ट्रपति व आदिवासियों के अपमान का आरोप लगाया। जबकि, ममता ने बीजेपी पर राष्ट्रपति को राजनीतिक हथियार बनाने का इल्जाम लगाया. बोस के इस्तीफे पर ममता ने केंद्र के दबाव का संदेह जताया। विधानसभा चुनाव नजदीक होने से यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नया ट्विस्ट ला सकता है। बोस ने कहा कि इस खेल के नियमों में अंत का समय जानना भी शामिल है।