
कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि किसी भी पात्र वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। एसआईआर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट शुद्ध हों और पात्र वोटर को सूची में अपना नाम मिल जाए।
राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग हमेशा से शांतिपूर्ण और सहभागी लोकतंत्र में विश्वास रखते आए हैं। हमारा लक्ष्य बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 80 हजार बूथ हैं, जिनमें से लगभग 61 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। कुमार ने यह भी घोषणा की कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग राज्यभर के बूथ पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग लागू करेगा।
लोगों ने फिर काले झंडे दिखाए
इसके पहले ज्ञानेश कुमार को सुबह फिर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ज्ञानेश कुमार दक्षिणेश्वर काली मंदिर गए थे, जहां लोगों की भीड़ ने गो बैक नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। यह लगातार तीसरे दिन सीईसी को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले कालीघाट मंदिर में दर्शन करने और रविवार रात कोलकाता पहुंचने पर भी एयरपोर्ट के बाहर लोगों ने काले झंडे दिखाए थे।