
भोपाल। मध्य प्रदेश में बजट सत्र को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकारी छुट्टियों पर ब्रेक लग गया। जल संसाधन विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो मार्च महीने तक जारी रहेगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बजट सत्र के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा। मुख्यालय से गैरहाजिरी अब नहीं चलेगी। लापरवाही पर सीधा एक्शन होगा।
इस सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी। ऐसे में जल संसाधन विभाग ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बजट सत्र की अवधि में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता। सरकारी छुट्टियां या लीव पर जाने की अनुमति सिर्फ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ही दे सकेंगे, वो भी बहुत विशेष परिस्थितियों में। विभाग ने कहा है कि मुख्यालय में मौजूदगी अनिवार्य है, ताकि कोई भी कार्य प्रभावित न हो और बजट से जुड़े काम सुचारु रूप से चलते रहें।
कलेक्टरों के जिलों में सख्त निर्देश
विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के जिला कलेक्टरों ने अपने जिलों में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक अधिकारी किसी भी हाल में बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। अपरिहार्य स्थिति में अपर कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य, अवकाश के लिए भी पूर्व स्वीकृति जरूरी, नियम तोड़ने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
विधानसभा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश, विधानसभा प्रश्नों के तत्काल और सही उत्तर भेजने की जिम्मेदारी, जिला कार्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि प्रश्नों के जवाब में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।