
इंदौर। फर्टिलाइजर निर्माण और विक्रय से जुड़ी इंदौर की प्रतिष्ठित कंपनी ‘उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रायवेट लिमिटेड’ पर गंभीर कॉर्पोरेट घोटाले के आरोप लगे हैं। कंपनी की प्रमोटर अंबिका अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि सुनियोजित साजिश के तहत उनके फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें डायरेक्टर पद से हटाया गया। उनकी 50% हिस्सेदारी घटाकर मात्र 2.5% कर दी गई। इस मामले में थाना तुकोगंज में शिकायत दर्ज है और जांच जारी है।
फर्जी इस्तीफा अपलोड कर बदली हिस्सेदारी
अंबिका अग्रवाल के अनुसार वर्ष 2010 में उन्होंने राजेश उपाध्याय के साथ 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी में कंपनी की स्थापना की थी। आरोप है कि 2011 के बाद राजेश उपाध्याय, सोनू अग्रवाल, आस्था अग्रवाल,हरगोविंद यादव और सुरेंद्र कुमार मल्लिक ने फर्जी हस्ताक्षर कर कॉर्पोरेट मंत्रालय की वेबसाइट पर उनका इस्तीफा अपलोड कर दिया। इसके बाद बोर्ड मीटिंग के जरिए अन्य लोगों को शेयर अलॉट कर दिए गए।
2025 में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा
अंबिका अग्रवाल का कहना है कि उन्हें न तो एजीएम की सूचना दी गई और न ही कंपनी के दस्तावेज दिए गए। 2025 में ऑनलाइन रिकॉर्ड निकलवाने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद उन्होंने ईडी, ईओडब्ल्यू, पुलिस मुख्यालय और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में शिकायत की। आरओसी ने कंपनी को नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता अंबिका अग्रवाल का कहना है कि मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर मुझे कंपनी से बाहर कर दिया गया। यह सुनियोजित कॉर्पोरेट साजिश है।
सरकारी सप्लाई और फैक्ट्री पर भी सवाल
करीब 50 करोड़ की नेटवर्थ वाली कंपनी पर अमानक फर्टिलाइजर के प्रकरण लंबित हैं, फिर भी शासन से करोड़ों की खरीदी का आरोप है। वहीं निमराणी स्थित फैक्ट्री की लीज निरस्तीकरण का मामला भी भोपाल मंत्रालय में लंबित है।