
भोपाल। शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या के बाद सामने आए वीडियो ने प्रदेश के आबकारी विभाग में कथित अवैध वसूली के मामले को उजागर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में दिनेश मकवाना ने जिला आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित पर प्रतिमाह ₹1.50 लाख की उगाही करने और माल बंद कराने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे।
इसी आधार पर मध्यप्रदेश शासन ने तत्काल प्रभाव से श्रीमती मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय ग्वालियर रहेगा तथा वे जीवन निर्वाह भत्ते की पात्र होंगी।
मकवाना के आरोपों के अनुसार अब तक उससे ₹22 लाख से अधिक की वसूली की जा चुकी थी। आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ही उसकी खुदकुशी की वजह बताए गए हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि वीडियो अत्यंत गंभीर है, निष्पक्ष जांच कर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
दिवंगत आबकारी ठेकेदार के परिजनों ने इंदौर के कनाडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामला तब और गर्मा गया जब सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित रूप से अधिकारी मृतक परिवार से बड़ी राशि को लेकर समय मांगती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, दीक्षित ने सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताया है। इंदौर के एक ठेकेदार ने भी ओवररेटिंग के दबाव का दावा करते हुए कहा कि एमआरपी ₹75 वाली देशी शराब ₹90 में बेचने को मजबूर किया जाता है।
