
विक्रम सेन
लखनऊ । उत्तरप्रदेश में विकास इतना ज़्यादा हो गया है कि बीजेपी के नेतागण अपने प्रभाव शाली संबंध, मुलाकातों के दम पर जगह जगह कुछ अतिरिक्त करते भी मिल रहे हैं। परन्तु कभी भी ये दांव उल्टे भी हो जाते हैं, ऐसा ही एक रोचक मामला उत्तरप्रदेश में सुर्खियों में है।
पश्चिमी यूपी के भाजपा के उपाध्यक्ष राजेश सिंघल के भाई कपिल सिंघल की संभल के कैला देवी थाना क्षेत्र के गांव रझेड़ा सलेमपुर में संचालित कबाड़ फैक्ट्री पर पुलिस ने छापा मार कर वहां से 100 से अधिक चोरी की गाड़ियों के काटने के अवशेष बरामद कर फैक्ट्री को सील कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों पुलिस को करीब छह करोड़ रुपये कीमत की किसान की संपत्ति कब्जाने के बारे में शिकायत मिली थी। जांच में सिघल परिवार की लिप्तता मिली थी। अन्य संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही
है।
सिंघल परिवार की करीब 100 संपत्तियों का लेखा-जोखा पता किया जा रहा है। इसके अलावा खनन और जमीन कब्जाने की शिकायतों की भी जांच की जा रही है।
बता दें कि उत्तराखंड से रेत-बजरी बड़ी तादाद में आता है। सिंघल परिवार इससे जुड़ा है। पुलिस इसके बारे में भी पता कर रही है। सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व राजेश सिंघल अपने भाई कपिल सिंघल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। इसका फोटो प्रसारित किया था। इसके कुछ दिन बाद किसान की जमीन पर कब्जा किया गया था। इसके लिए, एक प्रभावशाली व्यक्ति से फर्जी काल भी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को कराई गई थी।
ऐसे लोग अपने पाप छिपाने के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मिलने के बाद पब्लिक और अधिकारियों पर रौब जमाने के लिए फोटो जरुर डालते हैं।
कपिल सिंघल पर इसी तरह जमीन कब्जाने के कई और मामले हैं। पुलिस ने जब शिकंजा कसा तो बचने के लिए वो लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी के पास पहुंच गया, लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।
संभल के एसपी के के विश्नोई ने शानदार काम किया, मुख्यमंत्री का नाम लेकर धमकी देने पर भी नहीं झुके, उल्टे इन नेताओं की असलियत बाबा तक पहुंचा कर हरी झंडी मिलते ही मुकदमा दर्ज कर दिया।
इसके बाद कपिल सिंघल की स्कैप फैक्ट्री पर भी छापा मारा गया। चोरी के वाहनों के कटे हुए पार्ट्स मिले।
कपिल सिंघल पर कुल 2 एफआईआर हुई हैं। वाहन कटान और फर्जी कॉल करवाना।
कपिल सिंघल से पुलिस ने पूछताछ की तो वह काटी गयी गाड़ियों के दस्तावेज या रजिस्टर नहीं दिखा पाये, पुलिस ने तुरंत फैक्ट्री को सीज कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस फैक्ट्री को कपिल सिंघल द्वारा अपने परिवार के अन्य लोगों के साथ मिलकर चलाया जा रहा था। इसमें चोरी की गाड़ियाँ काटे जाने के साक्ष्य मिले हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
थाना प्रभारी ने अपनी तहरीर में कहा है कि आरआर एंड आर मैंटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से स्क्रैप फैक्ट्री संचालित हो रही है। शुक्रवार की रात को मुखबिर ने सूचना दी थी कि चोरी के वाहन फैक्टरी में काटे गए हैं। मौके पर स्क्रैप पड़ा है। सूचना मिलने पर फोर्स के साथ पहुंचे तो कई वाहनों के अलग-अलग पार्ट्स पड़े थे। दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो मौके पर मौजूद लोग नहीं दिखा सके।
क्या बोले बीजेपी नेता के भाई
वहीं कपिल सिंघल का कहना है कि फैक्टरी का लाइसेंस उनके नाम नहीं है और न जमीन उनके नाम है। बेटे के नाम से यह फैक्ट्री संचालित हो रही है। सभी वैध दस्तावेज हैं। परिवहन विभाग की एनओसी पर कबाड़ वाहन काटने की अनुमति है। इसके अलावा सभी तरह का कबाड़ भी हमारे द्वारा खरीदा जा सकता है, जिस आरोप में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है वह गलत है। उन्हें पुलिस फर्जी तरीके से फंसाने की कोशिश में लगी है। हम नियमानुसार कार्य करते हैं और पिछले कई महीने से फैक्टरी का संचालन भी नहीं हो रहा है।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि स्क्रैप फैक्ट्री के मामले में प्राथमिकी की गई है। अन्य शिकायतें भी मिली हैं, जिनकी जॉच जारी हैं, सही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विदित हो कि राजेश सिंघल पार्टी के विभिन्न पदों पर रहने के साथ संभल विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ते रहे हैं।