
विक्रम सेन
जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में
आयुर्वेद डॉक्टर द्वारा बिलहरी इलाके में संचालित एलोपैथिक ‘सुलखिया अस्पताल’ को अनिवार्य अनुमति न होने के कारण सील कर दिया हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार रांझी एसडीएम आरएस मरावी ने गरुड़ दल के साथ मौके पर छापा मारा। जहां आयुर्वेद में प्रशिक्षित एक डॉक्टर अपना अस्पताल खोलकर एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज कर रहा था।
गरुड़ दल ने मौके से एलोपैथिक दवाइयों के कई पैकेट जब्त किए। कार्रवाई के बाद हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है और डॉक्टर दिव्यांश सुलखिया के खिलाफ गोरा बाजार थाने में मामला दर्ज होने की खबर है।
एसडीएम आरएस मरावी ने बताया
जांच के दौरान अस्पताल में 10 बेड, नर्सिंग स्टाफ और इलाजरत मरीज मिले। डॉक्टर दिव्यांश खुद मरीजों को एलोपैथिक दवाएं दे रहे थे। पूछताछ में उन्होंने BAMS (आयुर्वेद) की डिग्री होना बताया, लेकिन एलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे थे। जब दस्तावेज मांगे गए तो अस्पताल के संचालन से जुड़ी कोई अनुमति या रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं था।
जाँच में पाया गया कि बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की डिग्री रखने वाले डॉ. स्थित डॉ. दिव्यांश सुलखिया एलोपैथिक दवाओं से मरीजों का इलाज कर रहे थे।
अनिवार्य सर्टिफिकेट की जांच के बाद डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
उल्लेखनीय हैं कि फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम की गिरफ्तारी के बाद अस्पतालों को लेकर राज्यव्यापी कार्रवाई चल ही रही है। नरेंद्र जॉन ने कथित तौर पर दमोह स्थित एक अस्पताल में सर्जरी की थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। उसे 7 अप्रैल को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है।