
विक्रम सेन
नई दिल्ली : आतंकी हमले को लेकर दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक खत्म हुई. बैठक में सभी पार्टी ने इस आतंकी हमले की निंदा की. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने माना कि सरकार से चूक हुई है. उन्होंने कहा, “ये घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई इसके बारे में बैठक में बताया गया. हमारे ऑफिशियल की तरफ से बताया गया घटना कैसै हुई.”
ज्यादातर राजनीतिक दलों ने इंटेलिजेंस फेलियर और वहां पर प्रॉपर सुरक्षा डेप्लॉयमेंट की बात उठाई. राहुल गांधी ने भी पूछा कि उपर जहां घटना हुई वहां सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं थे? जिस पर सरकार का कहना था कि जनरली इस रूट को जून के महीने में खोला जाता है. जब अमरनाथ यात्रा शुरू होती है, क्योंकि अमरनाथ यात्रा के यात्री इस जगह पर रेस्ट करते हैं.
लेकिन इस बार लोकल टूर ऑपरेटर्स ने सरकार को बिना जानकारी दिए हुए वहां पर टूरिस्ट की बुकिंग लेनी शुरू कर दी और 20 अप्रैल से वहां पर टूरिस्ट को ले जाना शुरू कर दिया. जिस बात की जानकारी लोकल अथॉरिटीज को नहीं थी. इस वजह से वहां पर डेप्लॉयमेंट नहीं किया गया, क्योंकि इस जगह पर डेप्लॉयमेंट हर साल जून के महीने में अमरनाथ यात्रा के शुरू होने से पहले होता है. इस अवसर पर डायरेक्टर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने 15 मिनट का प्रजेंटेशन दिया.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “जहां ये घटना घटी वो मेन रोड पर नहीं है. सभी पार्टी को बताया गया कि सब कुछ सही होते हुए भी एक चूक हुई है और इससे सभी दुखी हैं. हम पता लगाएंगे कि कहां चूक हुई. आगे ऐसी घटनाएं न हो उनके लिए प्रबंधन किया गया है. सभी पार्टी के नेताओं ने एक आवाज में कहा है कि सरकार जो भी कदम उठाएगी हम उसमें साथ देंगे. कुछ मुद्दे भी सामने आये, जिस पर सफाई दी गई.”
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है. पिछले कई सालों से कश्मीर में लोग शांति से अपना व्यापार कर रहे थे, टूरिस्ट आ रहे थे, गतिविधियां चल रही थी और सब बहुत अच्छा हो रहा था. सभी राजनैतिक दलों ने अपने-अपने विचारों को रखा और एक बात सामने आई कि देश को एकजुट होकर और एक आवाज में बोलना चाहिए.”
सर्वदलीय बैठक शुरू होने पर पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के सम्मान में कुछ देर का मौन रखा गया. सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीरीजू मौजूद थे. बैठक में राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित थे.
केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “ऐसी महत्वपूर्ण बैठक में पीएम मोदी का मौजूद रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि पीएम मोदी द्वारा लिया गया फैसला अंतिम होता है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी हम उसका समर्थन करेंगे. यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “बैठक बहुत अच्छी रही और वास्तव में सभी राजनीतिक नेताओं ने पाकिस्तान के संबंध में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) द्वारा की गई कार्रवाई का सर्वसम्मति से समर्थन किया. बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार हमारे देश में आतंकवादी गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगी और सभी नेताओं ने सरकार द्वारा की जा रही सभी कार्रवाइयों और भविष्य में की जाने वाली सभी कार्रवाइयों के लिए सरकार के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की.”