
इंदौर। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक इंदौर में दो-तीन दिन में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने वाली है। पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के ऊपर से जेट स्ट्रीम के रूप में गुजर रहा है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में भी कमी रहने की संभावना है। एमपी के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, सीहोर, छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में मौसम करवट लेगा।
12 किमी की ऊंचाई पर 200 से 230 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बह रही है। 13 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी हिमालय क्षेत्र से सक्रिय हो रहा है, इसका असर भी रहेगा। दिसंबर में तापमान में लगातार कमी आ रही है। शहर में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री रहा।
अधिकतम तापमान तीन दिनों से 27 डिग्री पर बना हुआ है। दो दिन तीव्र शीतलहर के बाद आज भी शीतलहर का असर रहा। इस कारण ठिठुरन भी बढ़ गई। उत्तरी हवा का असर बढ़ते ही कोहरा भी छाने लगा। नवंबर में सुबह सुबह दृश्यता 4000 मीटर तक रही थी, जो अब 1800 से 2500 मीटर तक पहुंच गई है।
शहर के बाहरी क्षेत्र में अधिक कोहरा नजर आ रहा है। विभाग के अनुसार, दो से तीन दिन तक ऐसी ही स्थिति रह सकती है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री था। मंगलवार को 0.4 डिग्री की बढ़त रही। इंदौर प्रदेश में 5वां सबसे ठंडा शहर रहा। पचमढ़ी से सिर्फ 1 डिग्री अधिक तापमान शहर में बना हुआ है। प्रदेश में सबसे कम तापमान कल्याणपुर (शहडोल) में 4.7 डिग्री, पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 5.0 डिग्री, राजगढ़ में 5.6 डिग्री, गिरवर (शाजापुर) में 6.0 डिग्री रहा।
वर्तमान में पूर्वोत्तर में जेट स्ट्रीम भी है। यह पृथ्वी से तकरीबन 12 किमी की ऊंचाई पर होती है, जेट स्ट्रीम की लंबाई 500 से 1000 किलोमीटर, चौड़ाई लगभग 50 किलोमीटर और मोटाई दो से तीन किलोमीटर तक हो सकती है। जिसकी हवा ज्यादा तेज होती है और हवा ही हवा को और गति देती है।
