
शिवपुरी। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में शिवपुरी से एक और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है, जहाँ लोकायुक्त पुलिस ने कलेक्ट्रेट में पदस्थ स्टेनो मोनू शर्मा को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुरुवार को अपर कलेक्टर कार्यालय परिसर में की गई।
फरियादी ज्ञानेंद्र सिंह, निवासी रन्नौद ने लोकायुक्त को शिकायत में बताया कि उनके पिता के नाम दर्ज जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम चढ़ गई थी। इस त्रुटि को सुधारने के लिए स्टोनो मोनू शर्मा द्वारा 20,000 रुपए की रिश्वत माँगी जा रही थी। फरियादी ने बताया कि पहले स्टोनो ने 5,000 रुपए ले लिए थे और बुधवार को 10,000 रुपए और देने पड़े। इसके बाद आरोपी ने फिर 5,000 रुपए की माँग की, जिस पर फरियादी ने लोकायुक्त में मामला दर्ज कराया।
शिकायत की सत्यता की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और तय स्थान पर जैसे ही स्टोनो ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसी समय उसे धर दबोचा गया। टीम ने मौके से सबूत सहित आरोपी को गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलती है और प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।