
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के छह दिनों से चले आ रहे संकट में राहत के संकेत मिलने लगे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सख्त निर्देश पर इंडिगो ने रविवार शाम तक प्रभावित यात्रियों को 610 करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर दिया। मंत्रालय ने एयरलाइन को रविवार रात 8 बजे तक सभी रिफंड पूरे करने का आदेश दिया था, जिसका पालन हो रहा है। इस बीच, DGCA ने इंडिगो के CEO और COO को शो-कॉज नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का एकमात्र विस्तार दिया है, लेकिन आगे कोई छूट न मिलने की चेतावनी दी है।
संकट की शुरुआत और अब तक का सफर
3 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस संकट का मुख्य कारण नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों का पालन करने में कमी बताया जा रहा है। DGCA ने पिछले साल ही इन नियमों की घोषणा की थी, जो पायलट थकान को कम करने के लिए हैं। अन्य एयरलाइंस जैसे अकासा, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट ने इन्हें फेजबंद तरीके से लागू किया, लेकिन इंडिगो ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा, 5 दिसंबर को सबसे ज्यादा फ्लाइटें ग्राउंड हुईं, जिससे लाखों यात्री फंस गए।
– 5 दिसंबर: 706 फ्लाइटें उड़ीं (सामान्य से काफी कम)।
– 6 दिसंबर: संख्या बढ़कर 1565 हुई।
– 7 दिसंबर: 1650 फ्लाइटें टेकऑफ करने की उम्मीद, लेकिन 650 से अधिक कैंसल।
इंडिगो ने दावा किया है कि उसके 95 प्रतिशत रूट्स पर अब ऑपरेशन सामान्य हो चुके हैं, और 10 दिसंबर तक पूर्ण स्थिरता आ जाएगी। एयरलाइन के पास पायलटों की कोई कमी नहीं है, और हायरिंग पर कोई रोक भी नहीं लगी। फिर भी, क्रू प्लानिंग की कमी को मुख्य वजह माना जा रहा है।
यात्रियों को राहत: रिफंड और सामान लौटाना
मंत्रालय के हस्तक्षेप से इंडिगो ने अब तक:
– 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस किया (कैंसल या लंबे डिले वाली फ्लाइट्स के लिए)।
– 3,000 से अधिक यात्रियों का खोया सामान (लगेज) लौटाया। बाकी सामान को 48 घंटों में पहुंचाने का निर्देश है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि कैंसल फ्लाइट की जगह दूसरी फ्लाइट लेने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा। साथ ही, घरेलू रूट्स पर बढ़े किरायों पर कैप लगा दिया गया है, ताकि यात्री शोषित न हों। 5 से 15 दिसंबर तक की बुकिंग्स पर पूर्ण रिफंड का प्रावधान है।
DGCA का सख्त रुख: समय विस्तार लेकिन चेतावनी
DGCA ने 6 दिसंबर को इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और COO/अकाउंटेबल मैनेजर इसिद्रो पोरकेरास को शो-कॉज नोटिस जारी किया, जिसमें प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक का आरोप लगाया गया। दोनों ने ऑपरेशनल दबाव का हवाला देकर 24 घंटे का विस्तार मांगा, जिसे DGCA ने स्वीकार कर लिया। नई समय सीमा 8 दिसंबर शाम 6 बजे तक है।
DGCA ने कहा, “यह एकमात्र विस्तार है। यदि समय पर पूरा जवाब न मिला, तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।” नियामक ने दोहराया कि यात्री सुरक्षा और संचालन सामान्यीकरण उनकी प्राथमिकता है।
रेलवे बनी यात्रियों की सहारा
इंडिगो संकट के बीच भारतीय रेलवे ने लाखों फंसे यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पश्चिम रेलवे ने स्पेशल टिकट काउंटर खोला है, जहां कैंसल फ्लाइट वाले यात्रियों को तत्काल ट्रेन टिकट मिल रहे हैं। DRM वेद प्रकाश के अनुसार:
– इमरजेंसी क्वोटा (EQU) का 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व।
– अहमदाबाद-दिल्ली के बीच दो स्पेशल ट्रेनें रवाना: सुबह 5:30 बजे और रात 10:30 बजे।
– दिल्ली, मुंबई, पुणे, जयपुर रूट्स पर रेगुलर ट्रेनों में एक्स्ट्रा कोच जोड़े गए।
– टिकट लेते ही कोच नंबर अलॉट, ताकि कन्फर्मेशन का भरोसा हो।
अन्य शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में भी रेलवे ने प्राथमिकता व्यवस्था शुरू की है।
हवाई अड्डों पर सामान्य स्थिति, लेकिन शिकायतें बरकरार
मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और गोवा के एयरपोर्ट्स पर अब सामान्यcy लौट आई है। चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग पर कोई भीड़ नहीं। 24×7 कंट्रोल रूम यात्रियों की मदद के लिए सक्रिय है।
फिर भी, कुछ जगहों पर किराया कैप के बावजूद शिकायतें आ रही हैं। संसदीय समिति इंडिगो के टॉप अधिकारियों को तलब करने की तैयारी कर रही है। विपक्ष ने इसे प्रबंधन और सरकार की नाकामी बताया है।
आगे की उम्मीदें
इंडिगो ने कहा कि वह अब स्थिरता पर फोकस कर रही है। CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को वीडियो संदेश में संकट के दबाव को स्वीकार किया और नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल होने की पुष्टि की। 137 स्टेशनों पर कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है।
यह संकट न केवल यात्रियों की योजनाओं को चौपट कर गया, इंटरव्यू, परीक्षाएं, शादियां प्रभावित हुईं, बल्कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा और प्लानिंग पर सवाल खड़े कर दिया। सरकार और DGCA की निगरानी बढ़ गई है, ताकि भविष्य में ऐसा न हो।