
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत पर सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या उनके भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट सच में भड़काऊ थे। अदालत ने यह भी सवाल किया कि इन बयानों का 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा से सीधा संबंध कैसे जुड़ता है।
केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने कहा कि वांगचुक के भाषणों से युवा भड़के और हिंसा हुई। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक ने नेपाल जैसे हालात बनने की चेतावनी देकर लोगों को उकसाया। इस पर कोर्ट ने पूछा कि भाषण में ऐसा कहां है। वह तो कह रहे हैं कि कुछ युवाओं ने यह रास्ता अपना लिया है और वह खुद हैरान हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि भाषण पढ़ने से लगता है वांगचुक हिंसा का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि उसे लेकर चिंता जता रहे हैं।
नेपाल या बांग्लादेश बनाने की कोशिश की
सरकार ने 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं। 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत 26 वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं।
अभी तक 24 बार मेडिकल जांच
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि वांगचुक की जेल नियमावली के तहत अब तक करीब 24 बार मेडिकल जांच हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वांगचुक पूरी तरह फिट हैं। उन्हें केवल पाचन की समस्या और संक्रमण हुआ, जिसका इलाज किया गया है। मेहता ने कहा कि इस तरह की समस्या को अपवाद मानकर उन्हें रिहा किया गया तो आगे अन्य लोग भी इस तरह की मांग करेंगे। उन्हें रिहा करने के लिए ऐसे अपवाद बनाना शुरू करते हैं, तो इसका कोई अच्छा नतीजा नहीं निकलेगा। जिन आधारों पर हिरासत का आदेश दिया गया था, वे जारी रहेंगे।
यह कारण था उनकी गिरफ्तारी का
वांगचुक को पिछले साल लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। इस हिंसक प्रदर्शन में चार लोग मारे गए थे और 150 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने यह बात कही। यह बात सुप्रीम कोर्ट के पहले के सवाल के जवाब में कही गई थी।