

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियो, मंत्रियों और नेताओं के गुरु माने जाने वाले महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर दुष्कर्म समेत कई गंभीर आरोप लगाने वाली राजस्थान की पीड़िता ने अब नए खुलासे किए। रविवार को जब वो दिल्ली के डीसीपी को एक नया शिकायती आवेदन देने पहुंची, तो उसके भाई पर हमला किया गया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में लिखा कि बयान दर्ज कराने के दौरान उसके भाई पर डीसीपी कार्यालय के नीचे हमला किया गया। पीछा करने और फ्लाइट में धमकाने की भी शिकायत की है। उसने सुरक्षा की मांग की है।
पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी उर्फ ईश्वरानंद महाराज पर राजस्थान की एक युवती ने दुष्कर्म के साथ कई खुलासे लिए। इंदौर में भी उनके शिष्यों की कमी नहीं हैं। उत्तम स्वामी को लापता बताया जा रहा। जबकि, भक्त उन्हें अज्ञातवास में बता रहे हैं।
उत्तम स्वामी के खास आदमी पल्लव राय का नाम आया
पीड़िता जब 14 फरवरी की रात महिला जांच अधिकारी के सामने बयान दर्ज करा रही थी। तभी उसका भाई और एक वकील जरूरी दस्तावेज लेने डीसीपी कार्यालय के नीचे कार तक पहुंचे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार के पास पहले से छिपे राजस्थान निवासी पल्लव राय ने गाली-गलौज की और हमला किया। पीड़िता ने अपने आवेदन में पल्लव राय को उत्तम स्वामी का करीबी सहयोगी बताया है। उसका दावा है कि वह उत्तम स्वामी के ‘सबसे खास लोगों’ में से एक है और उनके कई काम देखता है।
धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल
उत्तम स्वामी लंबे समय से धार्मिक प्रवचन करते आ रहे हैं। ऐसे में इस पूरे मामले ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। उत्तम स्वामी के देश में कई जगहों पर आश्रम हैं। कहा जाता है कि बांसवाड़ा में उत्तम स्वामी ने पहला आश्रम बनाया था। 10 अप्रैल 2021 को उन्हें पहली बार महामंडलेश्वर की पदवी मिली थी। बांसवाड़ा में जब आश्रम की शुरुआत हुई थी, तब इन्हें महर्षि कहा जाता था।
युवती ने कहा कई बार दुष्कर्म
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार गलत काम हुआ। वो जब नाबालिग थी, तभी से उसके साथ यह कुकृत्य हो रहा है। पीड़ित युवती का आरोप है कि उसका परिवार लंबे समय से आश्रम से जुड़ा था, इसी वजह से वह उत्तम स्वामी के संपर्क में आई। शिकायत के अनुसार 2016 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान, जब वह नाबालिग थी, तब अनुचित स्पर्श और व्यवहार से दुष्कर्म की शुरुआत हुई। उस समय आश्रम का टेंट लगा था, जहां वह अपने परिवार के साथ ठहरी थी।
धार्मिक अनुष्ठान के बहाने दुष्कर्म
शिकायत में लिखा गया कि इसके बाद ‘गुरु आज्ञा’ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर उसे अलग-अलग शहरों में बुलाया जाता रहा। भोपाल में कोचिंग के बहाने, सलकनपुर और बांसवाड़ा स्थित आश्रमों में ध्यान-साधना के नाम पर तथा दिल्ली में धार्मिक अनुष्ठान के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिल्ली में उसे फोन कर होटल बुलाया जाता था, जहां एक ही फ्लोर पर तीन कमरे बुक किए जाते थे। कमरों की बुकिंग अन्य नामों से कराए जाने का दावा किया गया।
युवती ने सुरक्षा मांगी
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि एफआईआर के बाद उसे धमकियां मिलने लगी है। साथ ही समझौते के दबाव बनाए जा रहे हैं। साथ ही हमारे परिवार की निगरानी रखी जा रही है। युवती का आरोप है कि उत्तम स्वामी कई सालों से शोषण कर रहा था। पीड़िता ने कहा कि आरोपों से संबंधित साक्ष्य मेरे पास मौजूद हैं। साथ ही कहा है कि वे लोग प्रभावी हैं और साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। यह भी कहा गया कि उत्तम स्वामी के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं। पीड़िता का कहना है कि वे स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। मेरी आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। मैं असुरक्षित महसूस कर रही हूं।
उत्तम स्वामी लापता
इसके बाद से ही उत्तम स्वामी लापता बताए जा रहे हैं। ये आरोप जब सामने आए तब जबलपुर के सहजपुर हीरापुर बंधा में उत्तम स्वामी की भागवत कथा चल रही है। शुक्रवार को वे दिन भर कथा स्थल पर बने आश्रम में मौजूद रहे। पर, उनके शिष्यों ने कहा कि स्वामी जी की तबीयत ठीक नहीं है। देर रात यह चर्चा फैली कि स्वामी अचानक आश्रम से कहीं चले गए।