

इंदौर। शहर के दो हिस्सों से जोड़ने के काम में लगा 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज को सिक्स लेन करने की तैयारी है। लेकिन, इसके लिए 16 मीटर जमीन मिल रही है, दो निर्धारित मापदंड से दो मीटर कम है। शुक्रवार को रेलवे, प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो अफसरों की टीम ने तैयार की गई ब्रिज की डिजाइन के अनुसार निरीक्षण किया।
वर्तमान ब्रिज जर्जर हो गया है। इसकी ऊंचाई कम होने से रेलवे स्टेशन के विस्तार व ट्रेनों की आवाजाही, पीक ऑवर में जाम की स्थिति बनती है। ऊंचाई बढ़ने से रेलवे स्टेशन का विस्तार हो सकेगा। एमजी रोड, आरएनटी मार्ग और सियागंज की ओर ट्रैफिक सुगम होगा। टीम ने ब्रिज को फोर से सिक्स लेन बनाने और इससे रीगल चौराहे की रोटरी पर आने वाले प्रभाव, मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन से सीधे जोड़ने की संभावनाएं देखी। अफसरों ने बताया सिक्स लेन ब्रिज बनाने के लिए करीब 6 मीटर की जगह और चाहिए थी, लेकिन मौके पर करीब 4 मीटर ही जगह मिल पा रही है।
ब्रिज की तीन भुजा रहेगी
16 मीटर ही जमीन मिल पा रही है। ऐसे में सिक्स लेन ब्रिज बनाना आसान नहीं होगा। यूटिलिटी शिफ्टिंग का खर्च निगम को देना होगा। वहीं ब्रिज की तीन भुजा ही रहेगी। रेलवे स्टेशन की ओर की भुजा को एलिवेट करने पर विचार किया जा रहा है। रीगल की ओर की भुजा की ऊंचाई बढ़ने के साथ ही लंबाई बढ़ सकती है। रेलवे ने पिछले दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के समक्ष प्रारंभिक प्लान प्रस्तुत किया था। जिसमें इसकी चौड़ाई, व लंबाई बढ़ाने, रेलवे स्टेशन की ओर वाली भुजा को एलिवेट करके सरवटे की ओर उतारने जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी। निरीक्षण के दौरान रेलवे की ओर से उप मुख्य अभियंता अंकुर कुमार सिंह, निगम के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर व मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारी मौजूद रहे।
मेट्रो से जोड़ने की योजना
टीम में मेट्रो कॉर्पोरेशन के अफसर भी साथ थे। शास्त्री ब्रिज के समीप ही मेट्रो का अंडरग्राउंड स्टेशन भी बन रहा है। शास्त्री ब्रिज की डिजाइन को मिलाकर देखा गया कि इस कारण किसी तरह की बाधा तो नहीं आएगी। चर्चा के दौरान सुझाव आया, इसे रेलवे स्टेशन से सीधा जोड़ने की योजना पर भी विचार करना चाहिए।
वर्तमान ब्रिज की लागत 110 करोड़ रुपए है, लगभग 20 करोड़ रुपए लाइन शिफ्ट में लगेंगे। अधिकारियों ने तीनों ओर की स्थिति देखी। रेलवे की ओर से बताया गया कि वर्तमान चौड़ाई लगभग 12 मीटर है। सिक्स लेन के लिए दोनों ओर तीन-तीन मीटर जगह और चाहिए। वर्तमान ट्रैक और बाहर की सड़क को देखते हुए मौके पर 4 मीटर से ज्यादा जगह की गुंजाइश नहीं बन रही है। अफसरों ने बताया शहरी ट्रैफिक के लिए इतनी चौड़ाई में भी सहूलियत होगी।