
जयपुर। यहां के एक होटल में बसंत पंचमी पर एक ऐसी अनोखी शादी हुई, जिसकी चर्चा हो रही है। दूल्हा हनुमान प्रसाद और दुल्हन प्रिया सेठ दोनों हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं। इस दौरान जयपुर की ओपन जेल में दोनों की मुलाकात हुई और यह मुलाकात प्यार में बदल गई। इस दौरान करीब 6 महीने तक दोनों के बीच बातचीत होती रही। फिर दोनों ने शादी के लिए कोर्ट में 15 दिन के पैरोल की अर्जी लगाई।
कोर्ट से पैरोल मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों के परिवार की सहमति से जयपुर के सांगानेर इलाके के एक होटल में यह शादी हुई। पहले यह शादी अलवर में होने वाली थी। घर पर सजावट भी की गई थी। लेकिन, अचानक जगह बदलकर जयपुर में शादी की गई।
जयपुर में हुई अनोखी शादी
प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद के परिवार के लोगों ने इस पूरी शादी के कार्यक्रम को गुपचुप किया। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि पहले यह शादी अलवर में हो रही है, लेकिन जगह बदलकर जयपुर के एक होटल में हुई। इस दौरान केवल चुनिंदा लोगों को ही शादी में बुलाया गया। जिन लोगों को शादी में निमंत्रण दिया उनको न तो फोटो खींचने की अनुमति थी न किसी से बात करने की। शादी के बाद दुल्हन भी घर नहीं पहुंची। ऐसे में यह पूरी शादी चर्चा का विषय बनी रही।
हत्यारों की जेल में पनपी लव स्टोरी’
सांगानेर की खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे इन दोनों कैदियों की कहानी किसी फिल्मी कथानक से कम नहीं है। करीब 6 महीने पहले इनकी जेल परिसर में ही मुलाकात हुई थी। सजा काटते-काटते दोनों एक-दूसरे के करीब आए और शादी करने का फैसला किया। 21 जनवरी को लग्न और 22 जनवरी को चाक व भात की रस्में पूरी हुई। 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन शादी हुई।
प्रिया सेठ ने प्रेमी के कर्ज के लिए जघन्य हत्या की
मई 2018 में प्रिया सेठ ने डेटिंग ऐप टिंडर के जरिए जयपुर के दुष्यंत शर्मा को अपने जाल में फंसाया था। प्रिया ने अपने तत्कालीन प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए दुष्यंत के अपहरण और फिरौती की साजिश रची। उसने दीक्षित के परिवार से 10 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन 3 लाख मिलने के बाद भी पकड़े जाने के डर से प्रिया और उसके साथियों ने दुष्यंत की हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए उसने दीक्षित के चेहरे पर चाकू से वार किए और फिर शव को सूटकेस में भरकर दिल्ली रोड पर फेंक दिया था। प्रिया को नवंबर 2023 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
हनुमान प्रसाद ने प्रेमिका के लिए कत्लेआम किया
हनुमान प्रसाद का इतिहास भी कम भयावह नहीं है। उसने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति और बच्चों की हत्या कर दी थी। वह अलवर के उस बहुचर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी है जिसमें एक मां (संतोष) ने अपने प्रेमी (हनुमान) के साथ मिलकर अपने ही पति और 4 मासूम बच्चों (भतीजे सहित) की गला रेतकर हत्या कर दी थी। यह वारदात 2 अक्टूबर 2017 को हुई जब रात को हनुमान ने चाकू से पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। अलवर के इस नरसंहार ने पूरे देश को हिला दिया था।
इस मामले में क्या कहता है कानून
जेल में बंद कैदियों को शादी करने के लिए पैरोल मिलना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके तहत राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों को 15 दिन की राहत दी है। हालांकि, यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी, क्योंकि दूल्हा और दुल्हन दोनों ही जघन्य अपराधों के दोषी हैं। इस विवाह समारोह में पुलिस प्रशासन की भी पैनी नजर रही।