
इंदौर। नहाने के दौरान दो युवकों की अचानक मौत हो गई। दोनों की आयु 20 वर्ष थी और कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी। शुरू में इसे हार्ट अटैक माना जा रहा था। लेकिन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में कराए पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच में पता चला कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई। छह माह पहले एक 24 साल की युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस से ही हुई थी।
ये दोनों युवक घरों में बंद बाथरूम में गैस गीजर चालू करके नहा रहे थे। एक युवक दोस्त तो दूसरा परिवार के साथ रहता था। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में पोस्टमार्टम किया गया। विभाग प्रमुख डॉ बीके सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ अंकित पी जैन ने शव का परीक्षण किया, जिसमें बताया गया कि मौत का कारण गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी। जानकारों का कहना है कि जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है, वहां हवा की सही निकासी नहीं होती तो वहां ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में जहरीली गैस बनने लगती हैं। यह गैस बेहद खतरनाक होती है। इसमें व्यक्ति को न सांस फूलने का अहसास होता है और न किसी तरह की चेतावनी मिलती है। वह कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है और अगर समय पर मदद न मिले, तो उसकी मौत हो सकती है।
गुलाबी रंग देता है संकेत
चिकित्सा जानकारों के मुताबिक, जब कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण मौत होती है तो शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस (धब्बा) दिखाई देता है, जबकि आमतौर पर यह बैंगनी व अन्य रंग का होता है। इसके साथ ही बॉडी ऑर्गन का रंग भी गुलाबी हो जाता है। बताया गया कि दोनों युवक जब देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आए, तो परिजनों को शक हुआ। आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला गया। अंदर का हालत देखकर परिजन घबरा गए। दोनों युवक बाथरूम में बेहोशी की हालत में थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बदबू नहीं होते इस गैस में
जानकारों का कहना है कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की बदबू नहीं होती है। जब सांस के उसे अंदर लिया जाता है, तो कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए बंद बाथरूम में नहाते समय गैस गीजर का उपयोग करते हैं, तो वहां वेंटिलेशन होना जरूरी है। इससे पहले भी इस प्रकार की घटनाएं इंदौर में हो चुकी हैं, जब एक युवती की ऐसे ही मौत हुई थी।
ये सावधानी रखने के सुझाव
कहा गया है कि गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरों में न लगवाएं। इसे घर के बाहर बालकनी या छत पर लगवाएं। यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हुआ है तो उसके द्वारा पानी गर्म करते समय खिड़की या दरवाजे खुले रखें। उच्च गुणवत्ता एवं मानक वाले गैस गीजर का ही उपयोग करना चाहिए। गैस गीजर लगाने वाले तकनीशियन को यह प्रशिक्षण दिया जाए कि गीजर वेंटिलेशन में ही लगाएं।