
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, रेलवे के विकास में सर्वाधिक बल दिया गया। इससे रेलवे पर उच्च-गति कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। 2026–27 के केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना बनाई गई है। यह भारतीय रेलवे के लिए अब तक का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और आवंटन है। रेलवे में संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए इस बजट में 120 हजार करोड़ रूपए का आंवटन किया गया है।
रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में रेलवे के निरंतर विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस साल भी मध्य प्रदेश में रेलवे के विस्तार, सेफ्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 के बजट में 15,188 करोड़ रूपए आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में रेल कार्य बहुत तेजी से हो रहे हैं। राज्य में 1,18,379 करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू ट्रैक्स प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है। मध्य प्रदेश में 100% रेल लाइनों को विद्युतीकरण हो गया। अमृत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों को 3,163 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है।
रेल मार्गों के आधुनिकीकरण पर जोर
मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक पर 1283 फ्लाईओवर और रोड अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है। रेल मंत्री ने मध्य प्रदेश में रेल परियोजनाओं को पर्याप्त बजट के माध्यम से लक्षित समय में पूरा करने की बात पर जोर दिया। सुरक्षा के बारे में बताते हुए रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे पर अत्यानुधिक कवच प्रणाली को विभिन्न रेलमार्गों पर स्थापित किए जाने सम्बन्धी कार्य तीव्र गति से किए जा रहे हैं, जिसमें मध्य प्रदेश में 4591 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली कार्य योजना तैयार कर ली गई है। उन्होने बताया कि कवच प्रणाली को स्थापित करने में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, टावर लगाने, डाटा सेंटर स्थापित करने और आरएफआईडी डिवाइस लगाने जैसे कार्य किए जाते है।
यात्रियों के लिए नई सुविधाओं का विस्तार
यात्री सुविधाओं के बारे में रेल मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में विभिन्न जिलों को कवर करते हुए 5 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें एवं 4 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। मध्य प्रदेश के लिए यह रेल बजट राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ यात्री सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स दक्षता की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए, केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। 2,052 किमी लंबा यह कॉरिडोर मौजूदा पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा। इससे पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल की बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सकेगी।
उज्जैन सिंहस्थ के लिए तैयारियां
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में व्यापार प्रवाह को सुदृढ़ करेगा, मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम करेगा और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाएगा, जिससे औद्योगिक विकास और आपूर्ति श्रृंखलाओं को काफी लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने यह भी कहा कि उज्जैन
में आगामी सिंहस्थ मेला को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेला अवधि के दौरान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। रेल संचालन एवं यात्री सुविधाओं के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
पड़ौसी राज्यों को भी बेहतर आवंटन
रेल मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026–27 में गुजरात राज्य को 17,366 करोड़ रुपये तथा राजस्थान राज्य को 10,288 करोड़ रुपये का रेल बजट आवंटन किया गया है। चूंकि पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल गुजरात एवं राजस्थान दोनों राज्यों को सीधे जोड़ता है, अतः इन दोनों राज्यों में रेल अवसंरचना, सेफ्टी एवं यात्री सुविधाओं पर होने वाले विकास कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ रतलाम मंडल को भी मिलेगा। इससे रतलाम मंडल में रेल परियोजनाओं, परिचालन क्षमता तथा यात्री सुविधाओं के विकास को नई गति प्राप्त होगी। केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित पहलों के साथ, भारतीय रेलवे विकसित भारत के विजन के अनुरूप तेज कनेक्टिविटी, कुशल लॉजिस्टिक्स और सुदृढ़ अवसंरचना प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
