
भोपाल। कर्मचारियों और अधिकारियों के अटैचमेंट पर अब सख्ती की जाने लगी। सभी विभागों में ऐसे कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में भेजा जा रहा है, जो अपनी सुविधा से अटैचमेंट करवाकर मजे ले रहे थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। विभागों ने उन कर्मचारियों को वापस अपने घर भेजने के इंतजाम कर लिए।
ग्वालियर नगर निगम में अटैच हुए कर्मचारियों, अधिकारियों का मामला तो हाईकोर्ट तक पहुंच गया। अब शिक्षा विभाग ने भी अटैचमेंट पर कड़ा रुख अपनाया और ऐसे कर्मचारियों को फिर स्कूल पहुंचने के निर्देश जारी करना शुरू कर दिए। स्कूली शिक्षा विभाग के इधर-उधर कार्यरत शिक्षकों को स्कूल लौटने के लिए सख्त चेतावनी दी गई। ऐसा नहीं करने पर उनके वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बोर्ड परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी हो चुका
विभागीय अधिकारियों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं को देखते हुए यह सख्ती की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर टीचर्स की छुट्टियों पर पहले ही रोक लग चुकी है। बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी हो चुका है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से और 10 वीं की परीक्षा 13 फरवरी से प्रारंभ होगी। इन परीक्षाओं को देखते हुए भोपाल में सालों से अटैच चल रहे टीचर्स को मूल स्कूलों में वापस लौटने को कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
तुरंत मूल स्कूलों में लौटने को कहा गया
भोपाल में ही करीब 250 स्कूली टीचर्स आसपास के स्कूलों या अन्य विभागों में अटैच हैं। इन सभी को तुरंत अपने मूल स्कूलों में लौटने को कहा गया। डीईओ ने ऐसा नहीं करने पर संबंधित टीचर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके लिए प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय की है। अटैचमेंट खत्म होने से कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी पूरी हो सकेगी।
कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी
जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर संबंधित प्राचार्य को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं पास आ चुकी हैं, लेकिन कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी है। कई टीचर सालों से अपने स्कूलों की बजाए दूसरी जगहों पर अटैच हैं। अटैचमेंट खत्म होने से स्कूलों में टीचर्स की कमी पूरी हो सकेगी। डीईओ ने साफ कहा कि मूल स्कूल में नहीं लौटने वाले टीचर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनका वेतन भी रोका जा सकता है।