
इंदौर। शुक्रवार को उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के काफिले के सामने एक युवक आ गया और अपनी मां की मौत के मामले में न्याय की मांग की। उसने मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने खड़े होकर अपनी पीड़ा बताई। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया, वहीं मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुद्दा उठा।
युवक रोहन चौहान अपनी मां मंजू चौहान की मौत को लेकर लंबे समय से कार्रवाई की मांग कर रहा है। रोहन का आरोप है कि करीब पांच महीने पहले उसकी मां को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें एक निजी क्लिनिक में इलाज के लिए ले जाया गया था। वहां एक बीएचएमएस डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन और बॉटल लगाई, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से चिकित्सा लापरवाही का मामला है।
कई जगह गुहार लगाई, कोई सुनवाई नहीं
रोहन का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी नाराजगी और बेबसी के चलते उसने मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर सीधे उनसे न्याय की गुहार लगाई। घटना के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत युवक को काबू में लिया, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उसे शांत रहने को कहा और मामले में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी जांच करवाने की बात कही।
यह था महिला की मौत का मामला
जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले में पुलिस पहले ही क्लिनिक संचालक और डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने बिजलपुर के मार्तंड नगर निवासी रोहन चौहान की शिकायत पर हर्ष क्लिनिक, खातीवाला टैंक के संचालक श्रीचंद पिता साबूमल बागेजा और डॉक्टर ज्ञान एस पंजवानी के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि हर्ष क्लिनिक में फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज किया जा रहा था और प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग किया जा रहा था। मामले में कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील भी किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया।