
इंदौर। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य (एसआईंआर) के दौरान जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतना 16 अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी पड़ गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने निर्वाचन कर्तव्य में उदासीनता और आदेशों की अवहेलना करने पर सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी अपना जवाब निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करें, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया, उनमें जनपद पंचायत समन्वयक मुकेश वर्मा, सहायक शिक्षक राजेंद्र कुवाल, प्राथमिक शिक्षक कांता माने, सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं की सुहागील मरावी, सहायक शिक्षक संहिता अरदास, नगर निगम (राजस्व) से मनीष कुरवाड़े, सहायक ग्रेड-3 आबिद खान, नर्मदा विकास प्राधिकरण के राधेश्याम भंवर, गृह निर्माण अधोसंरचना विकास के प्रतीक लेले और घनश्याम आर्य, कर्मचारी राज्य बीमा के विपिन कालेसिरिया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला पाल, रेखा यादव, किरण वर्मा और शैलजा वर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 208 इंदौर-5 में कार्यरत लेब टेक्नीशियन विवेक अखंड को भी चुनावी कार्य में लापरवाही पर नोटिस जारी किया गया। सभी को मिलाकर 16 अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध यह कड़ी कार्रवाई की गई।
कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत संवेदनशील और प्राथमिकता का विषय है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त रुख जारी रहेगा।