
भोपाल। समय के साथ अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में भी बदलाव की कवायद होने लगी। संघ अपने संगठन की व्यवस्था में बड़े बदलाव पर मंथन कर रहा है। माना जा रहा है कि मार्च में हरियाणा के समालखा में होने वाली आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में किए जाने वाले बदलावों पर मंथन किया जाएगा। इसके तहत बड़ा बदलाव जो होने जा रहा है, वह है संघ में अब प्रांत प्रचारक की व्यवस्था खत्म होगी और उनकी जगह संभाग प्रचारक बनाए जाएंगे।
प्रशासनिक व संचालन संरचना में बड़ा बदलाव होगा
आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे हो चुके हैं। वह अब अपने काम और विचारों को आम जनता के बीच जमीनी स्तर पर ले जाने के लिए संगठन की प्रशासनिक व संचालन संरचना में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए मौजूदा प्रांतीय व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर हर प्रदेश में सिर्फ एक राज्य प्रचारक नियुक्त करने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। साथ ही प्रदेश और विभाग के बीच में नई संभागीय व्यवस्था बनाने की भी तैयारी है।
मध्यप्रदेश में भी बदलाव होगा
मार्च में हरियाणा के समालखा में होने वाली आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। मप्र में तीन प्रांत मालवा, मध्यभारत और महाकौशल प्रांत की संरचना समाप्त हो जाएगी। प्रांतीय कार्यकारिणी व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी। इनके स्थान पर मप्र राज्य प्रचारक होंगे। प्रदेश स्तर पर कार्यकारिणी के बजाय राज्य टोली बनेगी। इसमें प्रदेश प्रचारक के साथ ही प्रदेश संघ संचालक और प्रदेश कार्यवाह भी हो सकते हैं। नई संरचना को लेकर निर्णय मार्च में हो जाएगा। इसकी आधिकारिक घोषणा वर्ष प्रतिपदा पर की जाएगी। लेकिन इसे अमल में अगले वर्ष से लाया जाएगा। क्योंकि वर्ष 2027 संघ में निर्वाचन वर्ष है।