
नई दिल्ली। अगर किसी एक चीज पर आम आदमी सबसे ज्यादा नजर रखता है, तो वो है कि क्या सस्ता होगा क्या महंगा। बजट आने के बाद भी इसी पर सबकी नजरें होती हैं। लेकिन, अगर हम कहें कि इस बार बजट से पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने की खबरें आ रही हैं तो ये बड़ी खुशखबरी होगी। क्योंकि, रोज का सफर, ट्रांसपोर्ट, सब्ज़ी-दाल, टैक्सी भाड़ा सब कुछ इसी से जुड़ा है। लंबे समय से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। मामूली बदलाव होता भी है, तो पता नहीं लगता। आखिरी बार पेट्रोल कब सस्ता हुआ था शायद किसी को याद भी न हो।
पेट्रोलियम मंत्री के इशारे समझें
बजट 2026 से ठीक पहले एक बड़ा संकेत मिला है। खुद पेट्रोलियम मंत्री ने ये इशारा दिया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कुछ सोचना चाहिए। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी तरह की कटौती या दाम करने की बात नहीं कही। लेकिन, बातचीत में कहा है कि सरकार तेल कीमतों और टैक्स स्ट्रक्चर पर लगातार नजर बनाए हुए है. वहीं, उद्योग संगठन सीआईआई भी लंबे समय से एक्साइज ड्यूटी में कटौती की सिफारिशें करता रहा है।
इस बार ‘बड़ी कटौती’ की चर्चा
1 फरवरी 2026 को देश की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट टैबलेट पर टिकी हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इशारे और इंडस्ट्री चैंबर सीआईआई की लंबी सिफारिश को जोड़कर देखें तो बजट में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ‘बड़ी कटौती’ का रास्ता साफ नजर आ रहा है। चर्चा यह है कि सरकार एक्साइज ड्यूटी पर कैंची चला सकती है।
जब कच्चा तेल काबू में है और सरकार को टैक्स से अच्छी कमाई हो रही है, तो पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं किया जाए? यही सवाल अब बजट 2026 से ठीक पहले फिर चर्चा में है। चर्चा यह है कि सरकार आम आदमी को थोड़ी राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम कर सकती है। ये इकलौती ऐसी छूट होगी जो आम आदमी को बड़ी राहत दे सकती है, वहीं महंगाई पर भी काबू रखने में मदद कर सकती है।
पेट्रोलियम मंत्री ने यह कहा
पेट्रोलियम मंत्री ने बातचीत में साफ कहा कि सरकार उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने को लेकर संवेदनशील है। कच्चे तेल की कीमत, टैक्स और राजस्व, तीनों के बीच संतुलन जरूरी है। बजट जैसे मौकों पर नीतिगत फैसलों की गुंजाइश रहती है। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे तेल कंपनियां इस पर (कीमतों में राहत पर) विचार करेंगी। यह एक इशारा हो सकता है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार स्थिर रहा, तो आने वाले समय में राहत मिल सकती है।
पिछली बार एक्साइज ड्यूटी कब घटाई गई थी, इस सवाल का जवाब खोजा जाए तो जवाब होगा सरकार ने आखिरी बड़ी कटौती मई 2022 में की थी। तब पेट्रोल पर ₹8 प्रति लीटर, डीजल पर ₹6 प्रति लीटर। उसके बाद से कोई राहत नहीं मिली है। अगर इस बार बजट में एक्साइज ड्यूटी घटी, तो इसका सीधा असर यह होगा कि पेट्रोल-डीजल के दाम नीचे आएंगे। ट्रांसपोर्ट सस्ता होगा, टैक्सी, बस, माल भाड़ा घटेगा, सब्जी-फल, घेरलू सामान सस्ता होगा, सीमेंट, स्टील सस्ते होंगे।