
नई दिल्ली।’बजट 2026′ उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रहा है, बशर्ते वे इनकम टैक्स की नई रिजीम में टैक्स भरते हैं। सरकार नई टैक्स रिजीम को ज्यादा पॉपुलर और फायदेमंद बनाने की तैयारी में है। संकेत हैं कि इस बार नई रिजीम के टैक्सपेयर्स को भी कुछ अहम डिडक्शन का फायदा दिया जा सकता है। इसकी घोषणा 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर सकती हैं।
अट्रैक्टिव बनाने की तैयारी
सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा टैक्सपेयर्स पुरानी व्यवस्था छोड़कर नई टैक्स रिजीम अपनाएं। इस वजह से टैक्स एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि कुछ जरूरी डिडक्शंस नई रिजीम में भी शामिल किए जाएं। खास तौर पर होम लोन के इंटरेस्ट और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट देने की मांग तेज हो गई है। अभी ये दोनों फायदे सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में ही मिलते हैं, जिससे कई टैक्सपेयर्स नई रिजीम अपनाने से हिचकते हैं।
उम्मीद है हेल्थ इंश्योरेंस पर रियायत की
एक्सपर्ट्स ने सरकार से नई रिजीम में भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर राहत देने का अनुरोध किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डिडक्शन 25,000 से 50,000 रुपए तक तय किया जा सकता है। उनका तर्क है कि मेडिकल महंगाई हर साल 12 से 14% की रफ्तार से बढ़ रही है, ऐसे में टैक्स राहत बेहद जरूरी हो गई है। फिलहाल सेक्शन 80डी के तहत यह फायदा सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में मिलता है।
80डी दोनों रिजीम में लागू किया जाए
एक एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर 15 लाख रुपए सालाना कमाने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपए तक का हेल्थ या स्टैंडर्ड डिडक्शन मिले, तो उसे करीब 4,000 रुपए की टैक्स बचत हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेक्शन 80डी का फायदा नई और पुरानी-दोनों टैक्स रिजीम में मिलना चाहिए।
होम लोन ब्याज पर भी राहत के आसार
होम लोन के इंटरेस्ट पर टैक्स छूट को भी नई रीजीम में शामिल करने की मांग है। अभी सेक्शन 24(बी) के तहत पुरानी रिजीम में 2 लाख रुपए तक के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है। यही छूट अगर नई रिजीम में भी दी गई, तो घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी और नई टैक्स रिजीम की अपील और बढ़ जाएगी।