
इंदौर। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) के छात्रावास में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल की आत्महत्या के मामले ने सनसनी फैला दी। छात्र का शव 2 फरवरी को छात्रावास के कमरे में पंखे से फंदे पर लटका मिला था। घटना के बाद परिजनों ने कॉलेज में रैगिंग और बुलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
रैगिंग के बारे में बताया था
अंतरिक्ष के पिता पंकज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि रैगिंग और लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका बेटा अंदर से टूट चुका था। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के मामले में विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, चचेरी बहन श्रुति अग्रवाल ने दावा किया कि कॉलेज में कनिष्ठ छात्रों पर वरिष्ठों द्वारा बनाए गए नियम थोपे जाते थे, जिनमें रात में कमरे का दरवाजा न बंद करने, सिर झुकाकर चलने और मेस में खड़े होकर भोजन करने जैसे नियम शामिल थे। पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सहायक पुलिस आयुक्त तुषार सिंह ने बताया कि परिजनों के औपचारिक बयान दर्ज किए जाना शेष हैं और शिकायत मिलने पर हर पहलू से जांच की जाएगी।
परिजनों ने आरोप लगाया
ग्वालियर निवासी अंतरिक्ष अग्रवाल ने 2 फरवरी की रात अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली थी। पिता पंकज अग्रवाल का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद से ही बेटा परेशान रहने लगा था। वह तीन महीने से रैगिंग व बुलिंग का सामना कर रहा था। परिवार के मुताबिक, अंतरिक्ष ने बताया था कि सीनियर छात्र उसे परेशान करते थे और मजाक उड़ाते थे। डर के कारण उसने किसी का नाम नहीं बताया।
दो बार घर आया, दोनों बार रोया
परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में सीनियर छात्रों का रवैया अपमानजनक था। मेस में सीनियर छात्रों की मौजूदगी पर फर्स्ट ईयर के छात्रों को खाना खड़े होकर खाना पड़ता था। कुर्सी-टेबल पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती थी। दिन में यूनिफॉर्म बदलने और रात में कमरे का दरवाजा बंद कर सोने की अनुमति नहीं थी। परिवार का कहना है कि अंतरिक्ष दो बार घर आया और दोनों बार रो पड़ा। एक बार उसने हॉस्टल से फोन कर प्रताड़ना की शिकायत भी की थी।
कॉलेज ने दो समितियां बनाई
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए दो समितियां बनाई गई हैं, जिनमें एंटी-रैगिंग कमेटी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कॉलेज रिकॉर्ड में रैगिंग की कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। छात्र के दो मोबाइल जब्त कर कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
