
नई दिल्ली। दिल्ली से गोवा जा रही अकासा एयर की फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक यात्री ने विमान के शौचालय के भीतर बीड़ी जला ली। इस घटना ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी आशीष के रूप में हुई है, जो उड़ान (क्यूपी1625) में सफर कर रहा था। विमान के हवा में होने के दौरान जब यात्री ने बीड़ी पीना शुरू किया, तो धुआं फैलते ही अन्य यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के बीच डर का माहौल बन गया। एयरलाइन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जानकारी सुरक्षा अधिकारियों को दी।
सुरक्षा घेरे को चकमा देकर विमान में लाइटर ले गया
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सख्त चेकिंग के बावजूद यात्री अपने साथ लाइटर और बीड़ी लेकर विमान के अंदर जाने में सफल रहा। एयरलाइन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार यात्री के पास से एक लाइटर बरामद किया गया है, जो उड़ान के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था।
विमान के भीतर किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ ले जाना और धूम्रपान करना कड़ाई से प्रतिबंधित है। क्योंकि, इससे विमान के संवेदनशील सेंसर और यात्रियों की जान को गंभीर खतरा होता है। चालक दल ने स्थिति को संभालते हुए तय सुरक्षा मानकों का पालन किया और विमान के लैंड होते ही आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज और कार्रवाई
गोवा के मोपा हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन में आरोपी आशीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों के दमन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों के अनुसार, ऐसे यात्रियों को ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में डाला जा सकता है, जिससे उन पर भविष्य में हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध लग सकता है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सुरक्षा जांच के दौरान लाइटर का पता क्यों नहीं चल पाया। अकासा एयर ने स्पष्ट किया है कि वे जांच में अधिकारियों को पूरा सहयोग कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
यह है ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ और इसे क्यों बनाया
नो-फ्लाई लिस्ट उन यात्रियों की एक आधिकारिक सूची है, जिन्हें उनके दुर्व्यवहार या सुरक्षा जोखिम के कारण हवाई यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विमान के भीतर चालक दल (क्रू) और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि कोई यात्री फ्लाइट में धूम्रपान करता है, क्रू के साथ बदतमीजी करता है या शारीरिक हिंसा पर उतारू होता है, तो उसे इस सूची में डाल दिया जाता है।
दुर्व्यवहार की श्रेणियाँ और सजा का प्रावधान
नियमों के अनुसार, यात्री के गलत व्यवहार को तीन स्तरों में बांटा गया है, जिसके आधार पर प्रतिबंध की अवधि तय होती है।
– लेवल 1 (अमर्यादित व्यवहार): इसमें मौखिक दुर्व्यवहार, शारीरिक इशारे या शराब के नशे में हंगामा करना शामिल है। इसके लिए यात्री पर 3 महीने तक का प्रतिबंध लग सकता है।
– लेवल 2 (शारीरिक दुर्व्यवहार): इसमें धक्का-मुक्की करना, लात मारना, गला दबाना या अनुचित तरीके से छूना शामिल है। इसके लिए 6 महीने तक की पाबंदी लगाई जा सकती है।
– लेवल 3 (जानलेवा खतरा): विमान के उपकरणों को नुकसान पहुँचाना, कॉकपिट में घुसने की कोशिश करना या जानलेवा हमला करना इस श्रेणी में आता है। इसके लिए 2 साल या उससे अधिक (अनिश्चितकाल के लिए भी) प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
