
इंदौर। शहर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में किन्नरों के दो गुटों के बीच हुए विवाद के मामले में अब पुलिस विभाग के भीतर भी बड़ी कार्रवाई सामने आई। मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में पंढरीनाथ के थाना प्रभारी (टीआई) अजय राजोरिया को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। यह कदम मामले की जांच में आरोपियों को लाभ होने और जमानत मिलने के बाद उठाया गया।
ब्लैकमेलिंग व धमकी के आरोप, कमजोर जांच बनी वजह
बताया जा रहा कि एक पक्ष की शिकायत पर किन्नर सपना हाजी सहित अन्य लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। शिकायत में पीड़ित पक्ष को डराकर पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप थे। इसके बावजूद जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य होने के बाद भी मजबूत केस डायरी तैयार नहीं की गई, जिससे आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई।
अधिकारियों की समीक्षा में टीआई की भूमिका संदिग्ध मिली
मामले की शिकायत जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंची तो पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई। जांच में प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें लाइन अटैच करने का निर्णय लिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अब आरोपियों की जमानत निरस्त कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस कोर्ट में आवेदन देकर यह कार्रवाई करेगी। इसके लिए जल्द ही कोर्ट में आवेदन दिया जाएगा। साक्ष्यों का दोबारा संकलन कर कानूनी राय भी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।