
इंदौर। शहर में नई आबकारी नीति के तहत शुरू हुई शराब दुकानों की नीलामी के पहले ही दिन सरकार को बड़ी सफलता मिली है। पिछले साल 377 करोड़ रुपए में बिकी 37 दुकानें इस बार 498 करोड़ रुपए में नीलाम हुईं। इस तरह न सिर्फ 121 करोड़ रुपए अधिक मिले, बल्कि आरक्षित मूल्य से भी 46 करोड़ रुपए ज्यादा की आय हुई है।
आबकारी विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दुकानों के आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसी के तहत 2 मार्च से जिले की 173 शराब दुकानों को 56 समूहों में विभाजित कर अलग-अलग चरणों में नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले चरण में 19 समूहों की 58 दुकानों के लिए 27 फरवरी से टेंडर आमंत्रित किए गए थे। टेंडर खुलने के बाद 11 समूहों के लिए ही आवेदन प्राप्त हुए। इन समूहों की 37 दुकानों के लिए ऑनलाइन बोली प्रक्रिया आयोजित की गई, जो बुधवार सुबह 10 बजे तक चली। इन दुकानों का कुल आरक्षित मूल्य 452 करोड़ रुपए था, जबकि अंतिम बोली 498 करोड़ रुपए तक पहुंची।
पुन: नीलामी में करेंगे शामिल
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन 8 समूहों के लिए टेंडर प्राप्त नहीं हुए, उन्हें जल्द ही पुन: नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। विभाग ने दूसरे चरण की नीलामी भी शुरू कर दी है। इस चरण में 19 समूहों की 60 दुकानों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इनका कुल आरक्षित मूल्य 654 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।
इच्छुक व्यापारी 5 मार्च तक टेंडर जमा कर सकेंगे। उसी दिन टेंडर खोलकर ऑनलाइन बोली प्रक्रिया शुरू की जाएगी और उच्चतम बोली लगाने वालों को दुकानें आवंटित की जाएंगी। नई आबकारी नीति के तहत बढ़ी कीमतों के बावजूद व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी से विभाग को राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।