
इंदौर। भागीरथपुरा दूषित जल कांड में हटाए गए निगम कमिश्नर दिलीप कुमार के स्थान पर राज्य शासन ने क्षितिज सिंघल को नियुक्त किया। वर्ष 2014 की बैच के आईएएस अधिकारी क्षितिज कई प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। शनिवार को उनके ऑर्डर हुए और उन्होंने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पदभार संभाला।
दूषित जल आपूर्ति मामले हुई मौतों के मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाकर आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को निगम आयुक्त पदस्थ किया है। वे शनिवार रात 11:45 बजे इंदौर पहुंचे और सीधे निगम मुख्यालय जाकर पदभार संभाला। सिंघल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी का कार्यभार संभाल रहे थे।
निगम प्रशासन और शहरी प्रबंधन का अनुभव
प्रशासनिक जगत में क्षितिज सिंघल को सख्त, स्पष्टवादी और तेज तर्रार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। इससे पहले वे उज्जैन नगर निगम के साथ-साथ बिजली कंपनी में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें निगम प्रशासन और शहरी प्रबंधन का अच्छा अनुभव माना जाता है। उनकी पत्नी शीतला पटले भी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सिवनी जिले की कलेक्टर पदस्थ हैं। दोनों अधिकारी कुछ साल पहले एक जनवरी को बिना मुहूर्त कोर्ट मैरिज करने को लेकर चर्चा में आए थे। सूत्रों के मुताबिक, क्षितिज की कार्यशैली कई बार राजनीतिक नेतृत्व से अलग मानी जाती रही है। इससे पहले भी इंदौर नगर निगम में आयुक्तों और जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं।
इनकी भी हुई नियुक्ति
गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के मामले के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया था। साथ ही नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को सस्पेंड कर इंदौर से स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद निगम में तीन नए आईएएस अधिकारियों आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक की भी नियुक्ति की गई। इसी क्रम में अब क्षितिज को निगम की कमान सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि पूर्व आयुक्त दिलीप यादव का कार्यकाल अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल रहा। 9 सितंबर को पदस्थ हुए यादव महज चार महीने ही इस पद पर रह पाए।
कार्यशैली नेताओं से मेल नहीं खाती
क्षितिज सिंघल पहले उज्जैन नगर निगम के साथ बिजली कंपनी में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक हलकों में क्षितिज सिंघल को एक सख्त और बेबाक अधिकारी माना जाता है। बताया जाता है कि कई बार उनकी कार्यशैली नेताओं से मेल नहीं खा पाती। इससे पहले इंदौर के निगम आयुक्तों पर भी महापौर सहित कई नेताओं द्वारा इसी तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 16 मौतों के मामले में सरकार ने शनिवार को निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटाते हुए एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद इंदौर नगर निगम में तीन नए आईएएस अधिकारी आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक की नियुक्ति की गई। इनमें आकाश सिंह और प्रखर सिंह डायरेक्ट आईएएस हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी आईएएस हैं।