
इंदौर। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की महत्वाकांक्षी पहल ‘डब्ल्यूपीएल (महिला प्रीमियर लीग) स्पीड क्वीन’ देश में महिला तेज गेंदबाजी को नई पहचान देने वाला सशक्त मंच बनती जा रही है। अंडर-19 और अंडर-23 वर्ग की प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों की खोज के उद्देश्य से शुरू किया गया यह अभियान कच्ची प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के माध्यम से फ्रेंचाइजी स्काउट्स को युवा पेसरों को नजदीक से परखने का अवसर मिलेगा, जिससे चयनित खिलाड़ी फ्रेंचाइजी टीमों के साथ जुड़कर भविष्य में सीधे ‘डब्ल्यूपीएल’ टीमों में स्थान बना सकेंगी।
इस क्रम में रविवार को इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्थित तक्षशिला परिसर में डब्ल्यूपीएल स्पीड क्वीन ट्रायल आयोजित किए गए। इन ट्रायल में बड़ी संख्या में क्रिकेट के प्रति समर्पित युवतियों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश में महिला तेज गेंदबाजी को लेकर अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अंडर-19 वर्ग में जिन खिलाड़ियों ने अपनी गति और तकनीक से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया, उनमें दिशा शर्मा, दीप्ति सिंह, मानशा राठौर, मुस्कान योगी और रेणुका के. प्रमुख रहीं। वहीं अंडर-23 वर्ग में अनामिका, ख्याति, आशी तोमर, नेहा यादव और दीपा ने प्रभावशाली प्रदर्शन कर भविष्य की सशक्त दावेदारी पेश की।
तेज गेंदबाजी की छिपी प्रतिभाओं को खोजा जाएगा
यह प्रतिभा खोज अभियान देश के कई प्रमुख शहरों दिल्ली, जयपुर, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, वडोदरा और इंदौर में आयोजित किया गया है, ताकि देश के कोने-कोने से तेज गेंदबाजी की छिपी हुई प्रतिभाएँ सामने आ सकें। आगामी चरण में यह प्रक्रिया बेंगलुरु, कोलकाता, मुंबई, पुणे, नागपुर और हरिद्वार में भी संपन्न होगी। इन ट्रायल का अंतिम चरण 1 फरवरी से मुंबई में प्रस्तावित है, जहाँ से भविष्य की डब्ल्यूपीएल (महिला प्रीमियर लीग) सितारा खिलाड़ी उभरकर सामने आएँगी।
दूसरे चरण के ट्रायल होने की संभावना
इंदौर में ट्रायल के दौरान होलकर स्टेडियम में चल रहे मैच तथा ‘खेलो इंडिया’ की अन्य गतिविधियों के कारण कई इच्छुक खिलाड़ी भाग नहीं ले सकीं। प्रदेश के विभिन्न शहरों से मिली अभूतपूर्व मांग को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा इंदौर में दूसरे चरण के ट्रायल आयोजित किए जाने की संभावना है, जो संभवतः 25 जनवरी के बाद कराए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जो खिलाड़ी पहले चरण में भाग ले चुकी हैं, उन्हें भी पुनः अवसर प्रदान किया जाएगा।
सशक्त पेस आक्रमण की मजबूत नींव रखेगा
महिला क्रिकेट के समग्र विकास की दृष्टि से ‘डब्ल्यूपीएल स्पीड क्वीन’ पहल अत्यंत सराहनीय कदम है। यह अभियान न केवल उभरती तेज गेंदबाजों को प्रतिष्ठित मंच प्रदान करेगा, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट में सशक्त पेस आक्रमण की मजबूत नींव भी रखेगा। इंदौर में देखने को मिला अभूतपूर्व उत्साह इस बात का संकेत है कि निकट भविष्य में मध्य प्रदेश से कई ‘स्पीड क्वीन’ भारतीय क्रिकेट का गौरव बनेंगी।
