
भोपाल। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) अपनी भर्ती परीक्षाओं के पैटने में बदलाव करने जा रहा। इसके लिए रूलबुक बनाई जा रही है। इसके तहत अब परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स की निगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत चार प्रश्नों के गलत उत्तर पर एक सही सवाल के जवाब का एक नंबर काटा जाएगा। इस परीक्षा में पूछा जाने वाला हर सवाल एक नंबर का होगा।
गौरतलब है कि गत दिवस एमपी ईएसबी के संचालक मंडल की बैठक मंत्रालय में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय शुक्ला ने की। बैठक में मप्र कर्मचारी चयन मंडल के एग्जाम पैटर्न में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया गया। अब अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षाओं में तुक्का लगाकर सवाल हल करना महंगा पड़ेगा। एमपी-ईएसबी की ओर से आगे आयोजित होने वाली परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग शुरू की जाएगी।
गलत उत्तर देने पर अंक कटने का प्रावधान
परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (नकारात्मक अंकन) का अर्थ है कि किसी प्रश्न का गलत उत्तर देने पर न केवल उस प्रश्न के अंक कटते हैं, बल्कि सही उत्तरों में से भी निश्चित अंक काट लिए जाते हैं। इस तरह कुल प्राप्तांक कम हो जाते हैं। जिन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाता, उनके कोई अंक नहीं काटे जाते। उदाहरण के तौर पर यदि परीक्षा में प्रश्न 3 अंक का है और गलत उत्तर पर 1/3 की निगेटिव मार्किंग है, तो गलत उत्तर देने पर सही उत्तर में से 1 अंक काट लिया जाएगा। यह एग्जाम पैटर्न अनुमान लगाकर उत्तर (तुक्का मारने) को हतोत्साहित करने और सटीकता बढ़ाने के लिए अपनाया जाता है।
14 साल पहले बंद हो गई थी यह प्रक्रिया
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पूर्व में कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग की जाती थी। लेकिन, वर्ष 2011-12 परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग बंद कर दी गई थी। परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की ओर से लगातार परीक्षा को में निगेटिव मार्किंग शुरू करने की मांग की जा रही थी, ताकि अभ्यर्थी परीक्षाओं गंभीरता से लें और परीक्षाओं की गंभीरता से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को फायदा मिले। इसे देखते हुए एमपी-ईएसबी के संचालक मंडल ने विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद भर्ती परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग शुरू करने का निर्णय लिया है।
गलत उत्तर देने पर कटने वाले अंक पर निर्णय जल्द
अधिकारियों का कहना है कि नया एग्जाम पैटर्न लागू होने पर परीक्षा में किसी प्रश्न का गलत उत्तर टिक करने पर सही उत्तर से निश्चित अंक काटे जाएंगे। गलत उत्तर देने पर कितने अंक कटेंगे, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि एमपी-ईएसबी की जिन भर्ती परीक्षाओं के लिए पूर्व में नियम बन चुके हैं, उनको छोडकर भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।
