
जांजगीर (छत्तीसगढ़)। नैला थाना क्षेत्र के सिवनी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक बंदर मां की गोद से महज 20 दिन की दुधमुंही बच्ची को छीनकर पास के कुएं में फेंक गया। लेकिन, कुदरत का करिश्मा और इंसानियत की तत्परता ऐसी रही कि मासूम मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर आ गई।
जानकारी के अनुसार सिवनी गांव निवासी अरविंद राठौर की पत्नी अपनी नवजात बेटी को गोद में लिए थी। इसी दौरान अचानक एक बंदर आया और बच्ची को झपटकर भाग गया। परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। खोजबीन के दौरान पास के कुएं में बच्ची पानी में उतराती हुई नजर आई।
बताया गया कि बच्ची करीब 10 मिनट तक कुएं के पानी में रही और उसके शरीर में कुछ पानी भी चला गया था। हालांकि, बच्ची ने डायपर पहन रखा था, जिसने पानी में लाइफ जैकेट की तरह काम किया और वह पूरी तरह डूबने से बच गई।
बाल्टी से बाहर निकाला
ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए बाल्टी की मदद से बच्ची को कुएं से बाहर निकाला। उसी समय गांव में कथा सुनने आईं नर्स राजेश्वरी राठौर मौके पर मौजूद थीं। उन्होंने तत्काल सीपीआर देकर बच्ची की सांसें वापस लौटा दीं। इसके बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने ग्रामीणों और नर्स का आभार जताते हुए लोगों से अपील की है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतें।